पड़ोसी देश के दर्द में पंजाब साथ, नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी गई पहली बड़ी राहत खेप
पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण और विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित बेघर और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए पंजाब रेड क्रॉस सोसाइटी ने मानवीय आधार पर बड़ा कदम उठाया है।
मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल एवं पंजाब रेड क्रॉस के अध्यक्ष गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब लोक भवन से राहत सामग्री से लदे तीन विशेष ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर नेपाल रेड क्रॉस के लिए रवाना किया। संकट की इस विकट घड़ी में पंजाब ने मित्र राष्ट्र के नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता प्रकट की है।
10 लाख रुपये से अधिक की पहली खेप: रेडी-टू-ईट भोजन, राशन और कपड़े शामिल
नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मानवीय जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से इन तीनों ट्रकों में राहत सामग्री भेजी गई है। इस पहली खेप में रेडी-टू-ईट (तुरंत खाने योग्य) खाद्य पैकेट्स, सूखा राशन, पहनने के कपड़े तथा अन्य दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुएं शामिल हैं। आज भेजी गई इस प्रारंभिक राहत खेप का कुल अनुमानित मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि संकट के समय पड़ोसी देश के नागरिकों की मदद करना हमारा प्राथमिक मानवीय कर्तव्य है।
80 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की कुल सहायता योजना, चरणबद्ध तरीके से जाएगी मदद
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में भेजी गई प्रारंभिक सहायता के अलावा पंजाब रेड क्रॉस द्वारा कुल 80 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की व्यापक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि नेपाल रेड क्रॉस से लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है और वहां के धरातल पर आ रही संशोधित मांग सूची (Requirements) के अनुसार ही राहत सामग्री की अगली खेप चरणबद्ध तरीके से सीधे काठमांडू व प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जाएगी।
समाज के सभी वर्गों से आगे आने की अपील, राष्ट्रीय मुख्यालय से बना समन्वय
राज्यपाल कटारिया ने प्राकृतिक आपदा के इस दौर में समाज के सभी सक्षम वर्गों, स्वयंसेवी संस्थाओं, औद्योगिक घरानों और सामाजिक संगठनों से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की भावुक अपील की। उन्होंने बताया कि कई गैर-सरकारी संगठन और नागरिक राहत कार्यों में योगदान देने के लिए लगातार पंजाब रेड क्रॉस से संपर्क साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब रेड क्रॉस, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के राष्ट्रीय मुख्यालय और नेपाल रेड क्रॉस के साथ 24 घंटे समन्वय बनाए हुए है ताकि जमीनी प्राथमिकताओं के आधार पर राहत पहुंचाई जा सके।