खाने के बाद गैस और ब्लोटिंग से परेशान, रसोई की ये चीज दे सकती है राहत
खराब लाइफस्टाइल के चलते खाने के बाद पेट में गैस, बदहजमी और एसिडिटी होना आज एक आम बीमारी बन गई है। पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, रसोई में मौजूद अदरक इन सभी पेट संबंधी बीमारियों का सबसे कारगर आयुर्वेदिक इलाज है।
वात दोष और पाचन तंत्र की गड़बड़ी को सुधारने के लिए अदरक और सोंठ (सूखा अदरक) का सही तरीके से सेवन फौरन राहत पहुंचाता है। आइए जानते हैं गैस, ब्लोटिंग और पेट दर्द से छुटकारा पाने के सटीक और प्रमाणित घरेलू उपाय।
जानें असरदार फॉर्मूला
यदि खाना खाने के तुरंत बाद पेट फूलने या गैस बनने की समस्या होती है, तो अदरक के रस को दूध में हल्का गर्म करके पीना बेहद फायदेमंद साबित होता है। इसके अलावा, तुरंत राहत के लिए ताजे अदरक का एक छोटा टुकड़ा चबाना भी गैस और पेट के अन्य रोगों में जादुई असर दिखाता है। आप चाहें तो ताजे अदरक को कद्दूकस करके या पीसकर पेस्ट बना लें और इसे सीधे दूध के साथ निगल लें। यह तरीका पेट में फंसी गैस को तुरंत बाहर निकालने और भारीपन दूर करने में मदद करता है।
इस चूर्ण से दूर होगी भयंकर गैस
आयुर्वेद में सोंठ को पेट के लिए रामबाण औषधि माना गया है। 2 से 4 ग्राम सोंठ चूर्ण और निसूजन को गोमूत्र, दूध या फिर ताजे अंगूर के रस के साथ मिलाकर पीने से पुरानी गैस की समस्या भी ठीक हो जाती है।
और तो और वात दोष के कारण होने वाली भयंकर गैस से बचने के लिए 25 ग्राम बिना छिलके वाले काले तिल, 100 ग्राम गुड़ और 50 ग्राम सोंठ के चूर्ण का मिश्रण तैयार कर लें। इस खास चूर्ण की 2 से 5 ग्राम मात्रा रोजाना दूध के साथ लेने से आंतों की कमजोरी दूर होती है और गैस की समस्या में स्थायी राहत मिलती है।
पेट दर्द और मरोड़ के लिए अचूक नुस्खा
गैस के कारण होने वाले तेज पेट दर्द से तुरंत निजात पाने के लिए सोंठ और एरण्ड (कैस्टर) की जड़ का 25 से 50 मिलीलीटर काढ़ा तैयार करें। इस काढ़े में 25 मिलीग्राम शुद्ध हींग और 1 ग्राम सौवर्चल (काला) नमक मिलाकर पीने से पेट की मरोड़, दर्द और ऐंठन चंद मिनटों में शांत हो जाती है।