बहादुर पायलट स्मित मच्छार से PM मोदी की खास बातचीत, जानें क्या कहा

बहादुर पायलट स्मित मच्छार से PM मोदी की खास बातचीत, जानें क्या कहा

आसमान में मौत जब सामने खड़ी हो और आप फिर भी न घबराएं तो आप असली हीरो हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है भारत के जांबाज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने। PM Modi ने खुद इस रियल लाइफ हीरो से मोबाइल पर विशेष बातचीत की है। 

पीएम मोदी ने न सिर्फ कैप्टन स्मित की बहादुरी को दिल से सलाम किया बल्कि उनके जल्द पूरी तरह से स्वस्थ होने की कामना भी की। फोन पर हुई इस बातचीत के दौरान स्मित ने PM को बताया कि उस खौफनाक मंजर के बीच उन्हें हौसला आखिर कहां से मिला। सऊदी अरब में शुरुआती इलाज के बाद अब कैप्टन स्मित को बेहतर देखभाल के लिए दुबई के एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।

राजदूत ने अस्पताल पहुंचकर बढ़ाया हौसला

पूरा देश आज अपने इस सपूत पर गर्व कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने भी दुबई के अस्पताल जाकर कैप्टन स्मित से खास मुलाकात की है। एंबेसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है। 

एंबेसी के आधिकारिक हैंडल से बताया गया कि राजदूत मित्तल ने कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मिलकर उनका हाल जाना। सबसे राहत की बात यह है कि कैप्टन तेजी से रिकवर कर रहे हैं। भारतीय दूतावास निरंतर वहां के स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है ताकि उनके इलाज और मेडिकल सुविधाओं में कोई कमी न रहे।

विदेश मंत्रालय ने भी जांबाज को किया सलाम

भारत सरकार अपने इस वीर नागरिक का पूरा ख्याल रख रही है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि वे कैप्टन स्मित की सेहत पर पल पल की नजर बनाए हुए हैं। 

मंत्रालय के मुताबिक अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई का वाणिज्य दूतावास वहां के अधिकारियों के साथ लगातार कॉर्डिनेशन कर रहा है। मंत्रालय ने अपने बयान में कैप्टन के साहस और सूझबूझ को एक बार फिर से नमन किया है।

34 हजार फीट की ऊंचाई पर खौफ के वो चंद मिनट

आखिर उस दिन हवा में हुआ क्या था? यह दिल दहला देने वाली घटना बीते बुधवार की है। दुबई से तेल अवीव के लिए फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने उड़ान भरी थी। प्लेन 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था तभी कॉकपिट के अंदर को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर अचानक चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। विमान तेजी से नीचे गोते खाने लगा और चंद पलों में ही 17 हजार फीट नीचे आ गया।

प्लेन ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे। बुरी तरह लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी। उन्होंने गजब की हिम्मत दिखाते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक शहर में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया और उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई। उनके इसी जज्बे ने विमान में सवार 27 मासूम बच्चों समेत कुल 174 यात्रियों को एक नई जिंदगी दी।