इस पीसीएस अफसर से रिश्वत मांग रहें बाबू, चीफ सेक्रेटरी को भी लिखा पत्र हुआ बेअसर

एक सीनियर पीसीएस अफसर की विवशता भरी चिटठी का मजमून पढकर आप खुद तय कर सकते हैं कि सरकार के इस दावे में कितनी सच्चाई है। यह चिटठी खुद सीनियर पीसीएस अफसर प्रवरशील बरनवाल ने चीफ सेक्रेटरी व राजस्व परिषद अध्यक्ष को लिखी है।

लखनऊ। योगी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति लागू करने का दावा करती है। सरकार के इस दावे को खूब प्रचार भी मिला। पर एक सीनियर पीसीएस अफसर की विवशता भरी चिटठी का मजमून पढकर आप खुद तय कर सकते हैं कि सरकार के इस दावे में कितनी सच्चाई है। यह चिटठी खुद सीनियर पीसीएस अफसर प्रवरशील बरनवाल ने चीफ सेक्रेटरी व राजस्व परिषद अध्यक्ष को लिखी है। बरनवाल मौजूदा समय में राजस्व परिषद में ओएसडी के पद पर तैनात हैं।

वर्षों से लंबित है ज्येष्ठता, रिश्वत मांग रहे बाबू

प्रवरशील बरनवाल का कहना है कि उनकी ज्येष्ठता वर्षों से लम्बित है। ज्येष्ठता तय नहीं होने की वजह से उनको वेतन व अन्य सुविधाओं में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जबकि जूनियर अफसर मजे मे हैं। बरनवाल ने इस बाबत प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक महकमे से संपर्क भी साधा। उनका आरोप है कि उनकी ज्येष्ठता तय करने के एवज में नियुक्ति एवं कार्मिक महकमे के कुछ भ्रष्ट कर्मचारी व प्राइवेट दलाल उनसे रिश्वत मांग रहे हैं।

रिश्वत मांगने की शिकायत पर पुलिस ने नहीं लिया संज्ञान

उनसे रिश्वत मांगने की सूचना उन्होंने पुलिस को दी। पर पुलिस ने उस पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया है। उनका आरोप है कि जिले के पुलिस अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। नतीजतन दलालों में भय नहीं है। चीफ सेक्रेटरी को भेजे गए पत्र में उन्होंने दलालों की खिलाफ एफआईआर की मांग की है

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