भरत तिवारी एनकाउंटर: बक्सर MLA आनंद मिश्रा के सामने ही भड़के लोग, तीखी बहस के बाद बिलौटी गांव में भारी तनाव
भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर केस को लेकर जन आक्रोश अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे सत्ताधारी दल के नेताओं को अब जनता के तीखे और असहज करने वाले सवालों का सामना करना पड़ रहा है। बीते सोमवार (29 जून, 2026) को स्थिति उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब बक्सर से भाजपा विधायक आनंद मिश्रा और शाहपुर के भाजपा विधायक राकेश ओझा परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे। यहां सांत्वना देने आए विधायकों को लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
नारेबाजी और विधायक से सीधी बहस
मुलाकात के दौरान वहां मौजूद भीड़ में से एक व्यक्ति ने पुलिस-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अचानक नारेबाजी शुरू कर दी। उस व्यक्ति ने दोनों विधायकों के सामने यह शर्त रख दी कि वे सार्वजनिक रूप से और स्पष्ट शब्दों में कहें कि 'भरत तिवारी का एनकाउंटर पूरी तरह से गलत था'। इस मांग पर बक्सर विधायक आनंद मिश्रा असहज हो गए और देखते ही देखते माहौल गरमा गया। हंगामा कर रहे व्यक्ति का सीधा आरोप था कि सरकार और प्रशासन सिर्फ आश्वासन का खेल खेल रहे हैं, जबकि असल दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
'अगर गलत नहीं होता, तो क्या हम यहां आते?'
विरोध बढ़ता देख बीजेपी विधायक आनंद मिश्रा ने मोर्चा संभाला और पलटवार करते हुए कहा, "हम लोगों को जो स्टैंड लेना था, वो हम पहले ही ले चुके हैं। अगर हमें लगता कि यहाँ कुछ भी गलत नहीं हुआ है, तो हम इस तरह आपके बीच नहीं आते।" बहस के दौरान जब विधायक ने प्रदर्शन कर रहे व्यक्ति से उसकी पहचान और क्षेत्र पूछा, तो उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश से आया है। इस पर आनंद मिश्रा ने तल्ख लहजे में कहा, "मैं अच्छी तरह समझ रहा हूं कि आप यहां क्या करने की कोशिश कर रहे हैं। आप शांत रहिए।" इस तीखी नोकझोंक के कारण गांव में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
पीड़ित पिता का दर्द: वीडियो में चेहरा साफ, फिर गिरफ्तारी में देरी क्यों?
इस पूरे हंगामे के बीच भरत तिवारी के बेबस पिता काशीनाथ तिवारी ने भी विधायक आनंद मिश्रा के सामने अपनी गहरी पीड़ा और नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कथित घटना के वीडियो में आरोपियों के चेहरे साफ-साफ दिखाई दे रहे हैं, तो पुलिस प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करने में ढिलाई क्यों बरत रहा है?
पिता के इस भावुक और वाजिब सवाल पर विधायक आनंद मिश्रा ने उन्हें ढांढस बंधाया और भरोसा दिया कि इस न्याय की लड़ाई में सभी जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। शाहपुर विधायक राकेश ओझा ने भी आश्वस्त किया कि परिवार की मंशा के अनुरूप पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।