जमशेदपुर में सजी 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की मशहूर गोकुलधाम सोसायटी! बालकनी से झांकते दिखे जेठालाल और बबीता जी
शारदीय नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन पर्व पर भारत के कोने-कोने में भव्य और कलात्मक पंडालों के निर्माण की एक पुरानी और बेहद खूबसूरत परंपरा रही है। हर साल पूजा कमेटियां अपनी कला और रचनात्मकता के दम पर ऐसे पंडाल तैयार करती हैं जो देखने वालों को हैरान कर देते हैं। इसी कड़ी में झारखंड का औद्योगिक शहर जमशेदपुर (Jamshedpur) इस साल एक ऐसी अनूठी और क्रिएटिव थीम के साथ सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर शहर की गलियों तक में तहलका मचा दिया है। जमशेदपुर में इस बार एक दुर्गा पूजा पंडाल के रूप में टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय और लंबे समय से चले आ रहे कॉमेडी सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की मशहूर 'गोकुलधाम सोसायटी' (Gokuldham Society) को हूबहू उतार दिया गया है। इस पंडाल को देखने के बाद हर किसी के चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान आ जाती है, क्योंकि यहाँ आते ही ऐसा महसूस होता है मानो दर्शक सचमुच मुंबई की उस प्रसिद्ध सोसायटी के प्रांगण में खड़े हों जहाँ जेठालाल, दयाबेन, आत्माराम भिड़े और बबीता जी के साथ पूरी 'गोकुलधाम परिवार' हंसी-मजाक करता नजर आता है। इस अनोखे और मनोरंजक पंडाल को देखने के लिए झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग खींचे चले आ रहे हैं।
गोकुलधाम सोसायटी का हूबहू मॉडल: बालकनी से झांकते जेठालाल और बबीता जी बने मुख्य आकर्षण
जब आप जमशेदपुर के इस विशेष दुर्गा पूजा पंडाल के मुख्य द्वार पर पहुंचते हैं, तो सबसे पहले आपकी नजर उस विशाल और रंग-बिरंगे सेट पर पड़ती है जिसे आपने अब तक सिर्फ अपने टेलीविजन स्क्रीन पर ही देखा होगा। पंडाल के कारीगरों ने गोकुलधाम सोसायटी की हर एक इमारत, उसकी बालकनी, खिड़कियों और कंपाउंड को इतनी बारीकी से डिजाइन किया है कि असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। इस पूरे सेट पर चार चांद लगाने का काम कर रहे हैं वहाँ लगाए गए लाइफ-साइज कटआउट्स (Life-size Cutouts), जिसमें शो के सबसे चहेते किरदार जेठालाल गड़ा अपनी पारंपरिक मूंछों और शर्ट में नजर आ रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ बबीता जी और अय्यर की बालकनी भी उतनी ही खूबसूरती से सजाई गई है। ऐसा प्रतीत होता है मानो जेठालाल अभी-अभी अपनी दुकान छोड़कर आए हैं और बालकनी से बबीता जी को निहारने की कोशिश कर रहे हैं। इस अनोखे दृश्य को कैमरे में कैद करने के लिए युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों में होड़ सी मची हुई है, और हर कोई इस पल को अपने फोन में हमेशा के लिए सुरक्षित कर लेना चाहता है।
टीवी के सबसे लोकप्रिय शो की थीम पर पंडाल सजाने का यह अनोखा विचार कहाँ से आया?
आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर पूजा कमेटी के सदस्यों के दिमाग में पारंपरिक देवी पंडालों से हटकर एक टेलीविज़न कॉमेडी शो की थीम पर पंडाल बनाने का यह शानदार विचार कैसे आया। कमेटियों से जुड़े आयोजकों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव से घिरे रहते हैं, और जब वे शाम के वक्त मां दुर्गा के दर्शन करने के लिए निकलते हैं, तो उनके चेहरे पर हंसी और खुशी लाना ही इस थीम का मुख्य उद्देश्य था। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' एक ऐसा पारिवारिक शो है जिसे भारत के बच्चे से लेकर बूढ़े तक हर उम्र के लोग बड़े चाव से देखते हैं। इस शो का हर एक किरदार हमारे आस-पास के समाज का ही हिस्सा प्रतीत होता है। जब आयोजकों ने दुर्गा पूजा के उत्सव में इस कॉमेडी और एकता के संदेश को जोड़ने का फैसला किया, तो उन्होंने गोकुलधाम सोसायटी को चुना। इस थीम के जरिए आयोजकों ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जिस तरह गोकुलधाम में हर धर्म और जाति के लोग मिलकर सारे त्योहार हंसी-खुशी मनाते हैं, उसी तरह हमें भी समाज में आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखना चाहिए।
जमशेदपुर में उमड़ी भारी भीड़, ट्रैफिक संभालने के लिए प्रशासन को करनी पड़ी मशक्कत
जैसे ही सोशल मीडिया पर जमशेदपुर की इस गोकुलधाम सोसायटी वाले दुर्गा पूजा पंडाल की तस्वीरें और रील्स वायरल हुईं, शहर में जैसे भूचाल सा आ गया। पिछले दो-तीन दिनों से इस पंडाल को देखने के लिए आने वाले दर्शकों की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई है कि स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक प्रशासन को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पड़े हैं। पंडाल के आसपास गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को अपने परिवार के साथ अंदर प्रवेश करने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। बच्चों के बीच इस बात का सबसे ज्यादा क्रेज है कि वे जेठालाल और बबीता जी के कटआउट के साथ अपनी सेल्फी क्लिक करवाएं। स्थानीय दुकानदारों और चाट-पकौड़ी के ठेलों वालों के लिए भी यह समय किसी लॉटरी से कम नहीं है, क्योंकि भारी भीड़ के कारण उनकी बिक्री कई गुना बढ़ गई है। पंडाल कमेटी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दर्शन करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और सब लोग शांतिपूर्ण ढंग से इस अद्भुत कला का आनंद ले सकें।
सांस्कृतिक मेल और आधुनिक सृजन का यह संगम बना झारखंड में चर्चा का विषय
झारखंड के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के इतिहास में यह पंडाल अपने आप में एक अनूठा और मील का पत्थर साबित हो रहा है। पारंपरिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के साथ-साथ इस आधुनिक और मनोरंजक थीम का मिश्रण लोगों को बहुत भा रहा है। कई बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह के रचनात्मक प्रयोगों से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और पूजा-पद्धति से और अधिक मजबूती से जुड़ती है क्योंकि उन्हें मनोरंजन के साथ-साथ आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। पूजा के ये कुछ दिन जमशेदपुर के लिए एक बड़े उत्सव में तब्दील हो चुके हैं जहाँ हर कोई अपनी रोजमर्रा की चिंताओं को भूलकर सिर्फ इस भव्य गोकुलधाम सोसायटी के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। यदि आप भी इस नवरात्रि जमशेदपुर में हैं या आसपास के इलाके से गुजर रहे हैं, तो इस अनोखे और शानदार पंडाल के दर्शन करना बिल्कुल न भूलें, क्योंकि यहाँ आपको मां की आराधना के साथ-साथ हंसाने-गुदगुनाने वाला वह पूरा परिवार मिल जाएगा जो सालों से हमारे दिलों पर राज कर रहा है।