CID अधिकारी मनोज वर्मा पर लगा गंभीर आरोप: कैंसर पीड़ित महिला से ठगी का दावा, 'ना नौकरी मिली, न पैसे हुए वापस'
झारखंड पुलिस महकमे से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है। एक कैंसर पीड़ित महिला, सोनम ने CID (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के अधिकारी मनोज वर्मा पर ठगी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि अधिकारी ने उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा दिया और इसके बदले मोटी रकम ऐंठ ली, लेकिन न तो नौकरी मिली और न ही अब अधिकारी पैसे वापस करने का नाम ले रहे हैं।
'कैंसर के इलाज के लिए पैसे थे, जो अधिकारी ने हड़प लिए'
मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए सोनम ने बताया कि वह लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रही हैं। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने नौकरी की तलाश शुरू की थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात CID अधिकारी मनोज वर्मा से हुई। आरोप है कि अधिकारी ने उन्हें विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इस काम के बदले उनसे बड़ी धनराशि ले ली। सोनम का कहना है कि उनकी जमा-पूंजी इलाज और जीवन यापन के लिए थी, जिसे उन्होंने विश्वास करके अधिकारी को सौंप दिया था।
अधिकारी पर कार्रवाई की मांग
सोनम ने रोते हुए बताया कि न केवल नौकरी का वादा झूठा साबित हुआ, बल्कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो अधिकारी ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि बीमारी के इस कठिन दौर में अधिकारी मनोज वर्मा का यह रवैया अमानवीय है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और उच्चाधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि उनकी जान पर बनी है और वे अपने हक के पैसों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
क्या है प्रशासनिक स्थिति?
एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी पर इस तरह के गंभीर आरोप लगना पुलिस की छवि पर सवालिया निशान लगाता है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। हालांकि, अभी तक इस पर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पीड़ित महिला के समर्थन में आवाज उठानी शुरू कर दी है।
क्या होगा आगे?
सोनम का मामला अब धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है। पीड़ित महिला ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। क्या कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी से लड़ रही एक महिला को न्याय मिल पाएगा? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।