साईं बाबा मंदिर से भगवान गणेश का कीमती मुकुट चुरा ले गए शातिर चोर

साईं बाबा मंदिर से भगवान गणेश का कीमती मुकुट चुरा ले गए शातिर चोर

देश भर से अक्सर मंदिरों में चोरी और धार्मिक आस्था के केंद्रों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था की सुरक्षा का दावा करने वाली खाकी वर्दी के लिए जब खुद पर ही सवाल खड़े होने लगें, तो मामला और भी अधिक गंभीर हो जाता है। बिहार से एक ऐसा ही अत्यंत हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहाँ चोरों ने एक प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर को अपना निशाना बनाते हुए भगवान गणेश की प्रतिमा से उनका कीमती मुकुट ही चुरा लिया। इस दुस्साहस भरी घटना से स्थानीय श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। लेकिन इस पूरे प्रकरण का सबसे चौंकाने वाला और हास्यास्पद पहलू यह रहा कि जब चोरी की इस वारदात की आंतरिक जांच की गई, तो पता चला कि जिस समय मंदिर में यह सेंधमारी हो रही थी, उस इलाके की सुरक्षा के लिए तैनात पूरी पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी (Police Patrol Party) अपनी ड्यूटी से गायब थी या गहरी नींद में थी। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता को प्रशासन ने बेहद सख्ती से लेते हुए पूरी गश्ती दल की टीम को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार के इस मंदिर में हुई चोरी की पूरी वारदात क्या है और पुलिस विभाग ने इस पर क्या सख्त एक्शन लिया है।

साईं बाबा मंदिर के गर्भगृह में चोरों का धावा, भगवान गणेश का मुकुट गायब देख उड़े प्रबंधन के होश

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना बिहार के एक व्यस्त और संवेदनशील इलाके में स्थित प्रतिष्ठित साईं बाबा मंदिर की है। रोजाना की तरह जब सुबह के समय मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं और पुजारियों के लिए खोले गए, तो गर्भगृह के भीतर का नजारा देखकर वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए। भगवान गणेश की मुख्य प्रतिमा पर सुशोभित होने वाला कीमती मुकुट अपनी जगह से गायब था। चोरों ने बड़ी सफाई से मंदिर के मुख्य द्वारों या खिड़कियों के ताले या ग्रिल तोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया था और मूर्ति पर रखे सोने या चांदी के आभूषण जैसे कीमती मुकुट को चुराकर आसानी से फरार हो गए थे। सुबह-सुबह जैसे ही मंदिर में चोरी होने की खबर फैली, आसपास के सैकड़ों लोग और स्थानीय श्रद्धालु मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया कि जब मंदिरों जैसे पवित्र और संवेदनशील स्थानों पर ही चोरों का खौफ इस तरह बढ़ गया है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का भगवान ही मालिक है।

पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी की खुली पोल: ड्यूटी के दौरान गायब मिलने पर पूरी टीम पर गिरी निलंबन की गाज

जैसे ही इस चोरी की सूचना स्थानीय थाने और वरीय पुलिस अधिकारियों तक पहुँची, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नियमानुसार उस क्षेत्र की सुरक्षा और रात भर गश्त करने की जिम्मेदारी जिस पुलिस पेट्रोलिंग वैन और उसके कर्मियों पर थी, जब अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की और उस रात के मूवमेंट की जांच की, तो एक बहुत बड़ा प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लापरवाही सामने आई। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि घटना की रात न तो उस इलाके में कोई नियमित गश्त हो रही थी और न ही पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद पाए गए। चोरों ने इसी सुरक्षा चूक और पुलिस की सुस्ती का फायदा उठाकर इस दुस्साहसिक चोरी को अंजाम दिया। जनता के तीखे आक्रोश और उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस क्षेत्र में तैनात पूरी पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (Suspended) कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश दे दिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, चोरों की तलाश में छापेमारी जारी

इस हाई-प्रोफाइल चोरी के खुलासे और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने अब अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मंदिर परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footages) की गहनता से जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि चोर किस वाहन से आए थे और चोरी करने के बाद वे किस तरफ भागे। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मंदिर से चुराए गए मुकुट को भी बरामद कर लिया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पुलिस की सुस्ती और लचर गश्त प्रणाली के चलते अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने से नहीं डर रहे हैं। जनता और श्रद्धालु अब आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की मांग पर अड़े हुए हैं।