बिहार में सफर होगा सुपरफास्ट: गया-राजगीर-बिहारशरीफ फोरलेन का 90% काम पूरा, जाम से मिलेगी मुक्ति

बिहार में सफर होगा सुपरफास्ट: गया-राजगीर-बिहारशरीफ फोरलेन का 90% काम पूरा, जाम से मिलेगी मुक्ति

बिहार में सड़कों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दक्षिण बिहार के ऐतिहासिक शहरों को आपस में जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी गया-हिसुआ-राजगीर-नालंदा-बिहारशरीफ फोरलेन सड़क परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-82 (NH-82) पर चल रहे इस प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस आधुनिक कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार होते ही गया, नवादा (हिसुआ), नालंदा और बिहारशरीफ के बीच का सफर न केवल तेज होगा, बल्कि यात्रियों को रोजमर्रा के ट्रैफिक जाम से भी हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

निर्माण की प्रगति पर नजर डालें तो परियोजना के 22.935 किलोमीटर लंबे प्रमुख खंड में ढांचागत काम लगभग पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर निर्धारित 107 एचपी कल्वर्ट, 6 बड़े पुल और 30 छोटे पुल बनकर पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा 112 बॉक्स कल्वर्ट में से 108 का निर्माण संपन्न हो गया है। फिलहाल एक अहम रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का काम अंतिम दौर में है, जिसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसियां युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं ताकि वाहनों की निर्बाध आवाजाही शुरू की जा सके।

यह फोरलेन मार्ग केवल दैनिक यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिहाज से भी गेमचेंजर साबित होने वाला है। विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल बोधगया, राजगीर की सुरम्य वादियां और नालंदा के प्राचीन विश्वविद्यालय खंडहर तक पहुंचना अब बेहद सुगम और कम समय वाला हो जाएगा। सुगम आवागमन से देसी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय होटल, हस्तशिल्प और परिवहन कारोबार को मिलेगा।

गौरतलब है कि 20 अक्टूबर 2016 को शुरू हुई इस परियोजना का शुरुआती लक्ष्य 2018 तय किया गया था, लेकिन विभिन्न तकनीकी और स्थानीय अड़चनों के कारण निर्माण में लंबा विलंब हुआ। अब सालों के लंबे इंतजार के बाद जब 90 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है, तो शेष बचे रेलवे ओवरब्रिज और फिनिशिंग कार्यों को तेजी से निपटाया जा रहा है, जिससे जल्द ही इस पूरे रूट पर सरपट गाड़ियां दौड़ती नजर आएंगी।