पटना में छात्र आंदोलन के दौरान भारी बवाल: BJP विधायक श्याम बाबू और विनय बिहारी पर जानलेवा हमला, बोले- 'वह छात्र नहीं गुंडे थे'
बिहार की राजधानी पटना का सबसे व्यस्त इलाका डाकबंगला चौराहा और जेपी गोलंबर क्षेत्र कल अचानक एक बड़े रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। नीट (NEET) पेपर लीक और धांधली के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल कुछ उग्र तत्वों ने वहां से गुजर रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो वरिष्ठ विधायकों की गाड़ियों पर जानलेवा हमला बोल दिया। लौरिया से विधायक विनय बिहारी और पिपरा से विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव की गाड़ियों को घेरकर पत्थरों और लाठियों से जमकर तोड़फोड़ की गई। इस हमले में दोनों विधायक तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके सहयोगियों के साथ जमकर मारपीट की गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर भी भारी घमासान शुरू हो गया है।
दुकान में छिपकर बचाई जान, शटर गिराकर हमलावरों से छुपाया गया
हमले का शिकार हुए भाजपा विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने बिहार विधानसभा के पटल पर अपनी आपबीती सुनाते हुए रोष व्यक्त किया। उन्होंने बेहद गंभीर दावा करते हुए कहा, "कल डाकबंगला चौराहे पर मेरी हत्या भी हो सकती थी। जब उग्र भीड़ ने मेरी गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर लाठियां बरसानी शुरू कीं, तो मैंने पास की एक दुकान में भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। स्थानीय दुकानदार ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए दुकान का शटर नीचे गिरा दिया। इसके बावजूद बाहर खड़े हमलावर लगातार चिल्ला रहे थे और मुझे ढूंढ रहे थे। बाद में भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर शटर खुलवाया और मुझे वहां से सुरक्षित निकाला।" विधायक ने सीधे तौर पर कहा कि वे प्रदर्शनकारी छात्र नहीं, बल्कि आंदोलन की आड़ में छिपे हुए पेशेवर गुंडे और अपराधी थे।
विनय बिहारी की गाड़ी के शीशे तोड़े, विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा
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गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़: लौरिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विनय बिहारी के साथ भी डाकबंगला चौराहे के पास ऐसी ही खौफनाक वारदात हुई। उग्र प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, और जब ड्राइवर ने गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की तो पत्थरों से हमला कर पूरी गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए गए।
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सदन में हाथापाई की नौबत: जब दोनों विधायकों ने सदन की कार्यवाही के दौरान यह गंभीर मुद्दा उठाया, तो सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विपक्ष द्वारा हमलावर छात्रों को 'गुंडा' कहे जाने का पुरजोर विरोध किया गया, जिससे बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के विधायक आपस में भिड़ गए और हाथापाई की नौबत आ गई।
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सदन की कार्यवाही स्थगित: विधानसभा में बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल या अगले सत्र तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
नीट पेपर लीक के विरोध में पटना की सड़कों पर उतरा था छात्रों का सैलाब
दरअसल, यह पूरा बवाल दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे नीट परीक्षार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शुरू हुआ था। पटना के गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले हजारों छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा को दोबारा कराने की मांग को लेकर अड़े हुए थे। मार्च जैसे ही डाकबंगला चौराहे और जेपी गोलंबर के पास पहुंचा, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा दी, जिसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन (Water Cannons) का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर विधायकों की गाड़ी पर हमला करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा रहा है।