परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट बाद खींची पेपर की फोटो, सॉल्वर गैंग को भेजी; कंप्यूटर शिक्षक गिरफ्तार

परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट बाद खींची पेपर की फोटो, सॉल्वर गैंग को भेजी; कंप्यूटर शिक्षक गिरफ्तार

बिहार में दारोगा (पुलिस अवर निरीक्षक) भर्ती परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। ईओयू ने गया जिले से एक कंप्यूटर शिक्षक वीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी पर परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट के भीतर प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर सॉल्वर गैंग तक पहुंचाने और नकल का संगठित नेटवर्क चलाने का गंभीर आरोप है।

गया कॉलेज के कमरा नंबर 49 से लीक हुआ था पेपर

यह पूरा मामला गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज कांड से संबंधित है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से 27 मई 2026 को दो पालियों में दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में ब्लूटूथ और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के जरिए नकल कराने का मामला सामने आया था। जब सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र की तस्वीरें वायरल हुईं, तो ईओयू की एसआईटी ने डिजिटल ट्रेल का पीछा करते हुए गया कॉलेज परीक्षा केंद्र तक अपनी जांच पहुंचाई। सीसीटीवी फुटेज और आयोग के दस्तावेजों के मिलान से खुलासा हुआ कि वायरल प्रश्नपत्र कमरा नंबर 49 का था, जहां आवंटित अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहा था।

बायोमेट्रिक कर्मी से मिलीभगत और 1 लाख रुपये का एडवांस

जांच में सामने आया कि 27 मई को दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई थी। परीक्षा शुरू होने के ठीक 10 मिनट बाद वीरेंद्र कुमार ने अलग-अलग कमरों से एकत्रित प्रश्नपत्रों की तस्वीरें खिंचवाईं। इस साजिश में परीक्षा केंद्र पर तैनात एक बायोमेट्रिक कर्मचारी की मदद ली गई थी। योजना के मुताबिक इन तस्वीरों को तत्काल बाहर बैठे सॉल्वर गैंग को भेजा गया। इस नापाक काम के बदले आरोपी वीरेंद्र को पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये का नकद भुगतान किया गया था। इस मामले में पुलिस पूर्व में भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।