नीतीश कुमार की पार्टी ने यूपी में बढ़ाई हलचल, 60 सीटों पर तैयारी और BJP से गठबंधन की चर्चा

नीतीश कुमार की पार्टी ने यूपी में बढ़ाई हलचल, 60 सीटों पर तैयारी और BJP से गठबंधन की चर्चा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अभी से अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। राज्य की कुल 403 विधानसभा सीटों में से जदयू ने रणनीतिक रूप से उन 60 सीटों को अपने रडार पर लिया है, जहां कुर्मी और कुशवाहा (लव-कुश) मतदाताओं की निर्णायक आबादी मौजूद है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि इस बार नीतीश कुमार की पार्टी अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरने के मूड में बिल्कुल नहीं है। जदयू की पूरी कोशिश है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ सीट शेयरिंग पर सहमति बन जाए और बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी एनडीए (NDA) का मजबूत गठबंधन मैदान में उतरे, जिससे चुनावी जीत की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके। हालांकि अभी औपचारिक सीट-बंटवारे पर चर्चा शुरू नहीं हुई है, लेकिन दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच जल्द ही बैठक होने की संभावना जताई जा रही है।

वाराणसी बनेगा निशांत कुमार का सियासी लॉन्चिंग पैड

यूपी के इस आगामी चुनाव के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और वर्तमान में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सक्रिय चुनावी राजनीति का लॉन्चिंग पैड भी तैयार किया जा रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को निशांत कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे। इसी दिन वाराणसी में जदयू का एक भव्य चुनावी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से सटे विभिन्न जिलों से हजारों पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं का बड़ा जुटान कराने की रूपरेखा तैयार की गई है।

पहली बार चुनावी मंच से हुंकार भरेंगे निशांत, दिग्गज नेता रहेंगे साथ

जदयू रणनीति के तहत निशांत कुमार को यूपी चुनाव अभियान में पार्टी का प्रमुख युवा चेहरा बनाने की तैयारी में है। वाराणसी में कार्यकर्ताओं की विशाल सभा को निशांत कुमार खुद संबोधित करेंगे। चुनावी सियासत के नजरिए से देखा जाए तो मंच से सार्वजनिक रूप से निशांत कुमार का यह पहला औपचारिक संबोधन और बड़ा सियासी कार्यक्रम होगा। इस ऐतिहासिक सभा के दौरान जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ और कद्दावर नेता मंच पर मौजूद रहेंगे। साफ है कि पार्टी आलाकमान वाराणसी की पवित्र और राजनीतिक रूप से संवेदनशील धरती से निशांत को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने का दांव चल रहा है।