गया में दरोगा के बेटों पर गोली चलाने वाले बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़: पैर में गोली लगने से 2 आरोपी ढेर, अस्पताल में भर्ती
बिहार के गया शहर में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। शहर की चर्चित सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में दरोगा के दो बेटों पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले दो मुख्य बदमाशों को पुलिस ने गुरुवार की देर रात एक नाटकीय मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पुलिस की विशेष टीम जब आरोपियों के सटीक ठिकाने पर छापेमारी करने पहुंची, तो खुद को घिरता देख बेखौफ अपराधियों ने पुलिस दल पर ही सीधे गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
अचानक हुए इस जानलेवा हमले के बाद पुलिस जवानों ने मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में दो शातिर आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया।
मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हुए दोनों बदमाशों की पहचान श्याम बिहारी और गौरव कुमार के रूप में की गई है। पुलिस ने तत्काल दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल (ANMMCH) में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार ने इस हाफ एनकाउंटर की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने के जवाब में यह नियंत्रित कार्रवाई की गई, जिसमें दोनों आरोपी दबोच लिए गए हैं और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। अस्पताल के वार्ड से लेकर पूरे परिसर तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो सके।
यह खौफनाक वारदात 19 अक्टूबर को उस वक्त सामने आई थी, जब गया के सिद्धार्थपुरी कॉलोनी इलाके में बेखौफ अपराधियों ने एक दरोगा के दो बेटों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां मार दी थीं। इस दिल दहला देने वाले गोलीकांड में दरोगा के एक बेटे रानू सिंह की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि दूसरा बेटा मोनू सिंह गोली लगने से बुरी तरह जख्मी हो गया था, जिसका अभी भी गंभीर हालत में इलाज जारी है। एक दारोगा के परिवार पर हुए इस सीधे हमले के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। मामले में पुलिस पहले ही दो अन्य मददगार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है, और अब मुख्य शूटरों के घायल होने के बाद पुलिस इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुट गई है।