कौन हैं IPS जितेंद्र कुमार? बिहार के कड़क अफसर को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी

कौन हैं IPS जितेंद्र कुमार? बिहार के कड़क अफसर को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ और बेहद कड़क अधिकारियों में शुमार बिहार कैडर के आईपीएस अफसर जितेंद्र कुमार को एक बड़ी और अहम प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) के नए आदेश के अनुसार, आईपीएस जितेंद्र कुमार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का नया महानिदेशक (Director General - DG) नियुक्त किया गया है। देश भर में फैले विस्तृत रेल नेटवर्क, करोड़ों दैनिक यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की अरबों रुपये की परिसंपत्तियों की सुरक्षा का जिम्मा अब इस कड़क और अनुशासित आईपीएस अधिकारी के कंधों पर होगा। बिहार में अपनी सख्त कार्यशैली, अपराध पर नकेल कसने के बेबाक अंदाज और प्रशासनिक शुचिता के लिए पहचाने जाने वाले जितेंद्र कुमार की इस नई तैनाती से पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में काफी खुशी और उत्साह देखा जा रहा है।

कौन हैं आईपीएस जितेंद्र कुमार? जानिए उनके करियर और शानदार उपलब्धियों के बारे में

जितेंद्र कुमार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1993 बैच के बिहार कैडर के अत्यंत वरिष्ठ अधिकारी हैं। अपनी सेवा की शुरुआत से ही वे एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार और कड़क छवि के पुलिस अधिकारी के रूप में जाने जाते रहे हैं। बिहार के विभिन्न संवेदनशील जिलों में बतौर एसपी (SP) और एसएसपी (SSP) तैनात रहने के दौरान उन्होंने संगठित अपराध, बाहुबलियों के नेटवर्क और अवैध धंधों पर जिस तरह से नकेल कसी, उसकी मिसाल आज भी दी जाती है। उन्होंने बिहार पुलिस मुख्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) के साथ-साथ बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक और बिहार पुलिस अकादमी के प्रमुख के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। पुलिस बेड़े में उनके सुधारवादी कदमों, जवानों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों और आधुनिक तकनीक के उपयोग को हमेशा से काफी सराहा गया है।

आरपीएफ (RPF) महानिदेशक के रूप में क्या होंगी बड़ी चुनौतियां और प्राथमिकताएं?

रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ (RPF) देश के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रीय बल में से एक है, जिस पर देश भर के हजारों रेलवे स्टेशनों और रोजाना चलने वाली करीब 13,000 से अधिक यात्री ट्रेनों की सुरक्षा का भारी जिम्मा होता है। बतौर आरपीएफ डीजी, आईपीएस जितेंद्र कुमार के सामने कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं और चुनौतियां होंगी। इनमें सबसे प्रमुख रेलवे में महिला यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करना, ट्रेनों में होने वाली चोरी, तस्करी और जहरखुरानी जैसे अपराधों पर लगाम लगाना है। इसके अलावा, बदलते दौर में आधुनिक साइबर क्राइम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए रेलवे नेटवर्क की निगरानी को स्मार्ट बनाना भी उनकी कार्यसूची का एक अहम हिस्सा रहेगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जितेंद्र कुमार की दूरदर्शी सोच और कड़क प्रशासनिक पकड़ से आरपीएफ की कार्यप्रणाली में एक नया और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

बिहार कैडर से केंद्र में बढ़ती भूमिका और प्रशासनिक पहचान

आईपीएस जितेंद्र कुमार की इस नई नियुक्ति से बिहार पुलिस कैडर का मान एक बार फिर से केंद्रीय स्तर पर बढ़ा है। बिहार में लॉ एंड ऑर्डर को मजबूत बनाने और पुलिसिंग के ढांचे को आधुनिक रूप देने में उनकी भूमिका हमेशा से सराहनीय रही है। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें आरपीएफ का महानिदेशक बनाया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि उनकी निष्ठा, कड़े फैसलों और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी गई है। उनके इस नए पदभार को संभालते ही आरपीएफ मुख्यालय समेत देश भर के रेलवे मंडलों में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और यात्रियों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने की प्रक्रिया में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।