ग्लेन मैकग्रा से भी बेहतर हैं मोहम्मद शमी के आंकड़े, फिर भी टीम इंडिया से नजरअंदाज

ग्लेन मैकग्रा से भी बेहतर हैं मोहम्मद शमी के आंकड़े, फिर भी टीम इंडिया से नजरअंदाज

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और धारदार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) इन दिनों अपनी शानदार फॉर्म और फिटनेस को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां भारतीय टीम के युवा तेज गेंदबाज अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अपनी छाप छोड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं घरेलू क्रिकेट में शमी का जलवा लगातार जारी है। हाल ही में रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) मुकाबले में बंगाल की तरफ से खेलते हुए शमी ने दिल्ली के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी से तहलका मचा दिया। उन्होंने अपनी स्विंग और पुरानी गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए यह साबित कर दिया कि क्लास कभी कम नहीं होती। दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शमी के आंकड़े ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा (Glenn McGrath) जैसे दिग्गजों से भी बेहतर हैं, इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से टीम इंडिया में नजरअंदाज किया जा रहा है। क्या रणजी ट्रॉफी में बरपाए गए इस कहर के बाद चयनकर्ताओं को मजबूरन शमी को टीम में वापस बुलाना पड़ेगा? आइए जानते हैं पूरी खबर।

क्या कहते हैं आंकड़े? जब मोहम्मद शमी ने छोड़े ग्लेन मैकग्रा जैसे दिग्गज पीछे

क्रिकेट के गलियारों में जब भी दुनिया के सबसे खतरनाक और सटीक गेंदबाजों की बात आती है, तो ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन अगर शुरुआती 108 वनडे मैचों की तुलना की जाए, तो भारतीय पेसर मोहम्मद शमी के आंकड़े मैकग्रा से कहीं ज्यादा प्रभावशाली नजर आते हैं। शमी ने अपने वनडे करियर के शुरुआती 108 मैचों में 206 विकेट अपने नाम किए हैं, जबकि इतने ही मैचों के बाद ग्लेन मैकग्रा के खाते में 158 विकेट दर्ज थे। शमी का गेंदबाजी औसत लगभग 24 का रहा है, जो दुनिया के किसी भी शीर्ष गेंदबाज के लिए एक बेहतरीन उपलब्धि है। इसके बावजूद, चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जाना क्रिकेट प्रेमियों के गले नहीं उतर रहा है। विश्व कप जैसे बड़े मंचों पर भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों में शामिल होने के बावजूद शमी का इस तरह बाहर बैठना कई बड़े सवाल खड़े करता है।

रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ शमी ने दिखाया अपना पुराना जलवा

घरेलू क्रिकेट में अपनी फिटनेस और लय साबित करने के लिए उतरे मोहम्मद शमी ने बंगाल की तरफ से खेलते हुए दिल्ली के खिलाफ मैच की पहली पारी में शानदार गेंदबाजी का नजारा पेश किया। शमी ने 17.3 ओवर की गेंदबाजी करते हुए महज 30 रन खर्च किए और 9 मेडन ओवर फेंकते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट मात्र 1.71 का रहा। उन्होंने दिल्ली के शीर्ष बल्लेबाजों को अपनी स्विंग और सीम मूवमेंट से पूरी तरह उलझन में डाल दिया। मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए शमी ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा कि उनकी फिटनेस और मेहनत मैदान पर साफ देखी जा सकती है, और उनका काम सिर्फ अपना शत-प्रतिशत देना है। उनका यह प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट संदेश है कि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से पूरी तरह तैयार हैं।

क्या आगामी सीरीज के लिए टीम इंडिया में होगी शमी की वापसी?

भारतीय टीम को आगामी समय में न्यूजीलैंड और अन्य मजबूत टीमों के खिलाफ महत्वपूर्ण सीरीज खेलनी हैं। हाल ही में तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी को देखते हुए क्रिकेट पंडित यह मांग कर रहे हैं कि अनुभव से बढ़कर कोई विकल्प नहीं हो सकता। जिस तरह से सीनियर खिलाड़ियों को फिर से मौका देने का दौर शुरू हुआ है, उसे देखते हुए यह माना जा रहा है कि चयनकर्ता अब शमी को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे। आगामी चयन समिति की बैठक में शमी के नाम पर गंभीर विचार होने की पूरी संभावना है। यदि वे इसी तरह घरेलू सर्किट में विकेट चटकाते रहे, तो जल्द ही नीली जर्सी में उनकी वापसी तय मानी जा रही है, जिससे भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को और अधिक मजबूती मिलेगी।