पिछले सत्र में 1100 अंक उछलने के बाद आज 251 अंक लुढ़का बाजार
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के चाल-चलन और कारोबारी गतिविधियों से इस वक्त वित्तीय जगत से जुड़ी एक बड़ी, दिलचस्प और निवेशकों को सचेत करने वाली खबर सामने आ रही है। बीते कारोबारी सत्र (Trading Session) में जब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 1100 अंकों की बंपर और ऐतिहासिक छलांग लगाकर बंद हुआ था, तो दलाल स्ट्रीट से लेकर आम निवेशकों के चेहरे खिल उठे थे। ऐसा लग रहा था कि बाजार में तेजी का यह दौर अभी लंबी दूरी तय करेगा, लेकिन शेयर बाजार की अपनी ही एक अनूठी चाल होती है और हर तेजी के बाद करेक्शन या मुनाफावसूली (Profit Booking) का दौर आना तय माना जाता है। ठीक वैसा ही आज के कारोबारी दिन देखने को मिला, जब बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया और कारोबार के अंत में सेंसेक्स 251 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी इस सुस्ती से अछूता नहीं रहा और उसने भी अपने ऊपरी स्तरों से गोता लगाया, जिससे निवेशकों को एक बार फिर सतर्क होने का संदेश मिल गया है।
क्यों फिसला बाजार और किन सेक्टरों में देखने को मिला सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव?
मार्केट एक्सपर्ट्स और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि आज की इस गिरावट के पीछे कोई बहुत बड़ी नकारात्मक वैश्विक खबर नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से 'प्रॉफिट बुकिंग' (Profit Booking) का नतीजा है। पिछले सत्र में जिन दिग्गज शेयरों में तूफानी तेजी आई थी, निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमाना सुरक्षित समझा। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों (Global Markets) से मिले-जुले संकेतों, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट पर थोड़ा असर डाला। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के चुनिंदा शेयरों में बिकवाली हावी रहने के कारण प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए। हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बीच भी कई ऐसे मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयर रहे जिनमें खरीदार सक्रिय नजर आए और उन्होंने निवेशकों को ठीक-ठाक रिटर्न दिया, जिससे यह साबित होता है कि शेयर बाजार का आंतरिक ढांचा अभी भी चुनिंदा शेयरों में मजबूत बना हुआ है।
आज के टॉप गेनर्स (Top Gainers): किन शेयरों ने मंदी के माहौल में भी निवेशकों की झोली भरी?
भले ही आज सेंसेक्स और निफ्टी में सुस्ती देखने को मिली हो, लेकिन कुछ शेयर ऐसे रहे जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया और हरे निशान में बंद हुए। आज के सत्र में जिन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी दर्ज की गई, उनमें चुनिंदा फार्मा, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर के दिग्गज शामिल रहे। इन कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों और घरेलू मांग के दम पर निवेशकों ने इनमें खुलकर पैसा लगाया। टॉप गेनर्स की सूची में टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर, सन फार्मा और पावर ग्रिड जैसी कंपनियों के शेयर सबसे आगे रहे, जिन्होंने बाजार के गिरते हुए सूचकांक को थामने की भरपूर कोशिश की। इन शेयरों में आई तेजी से यह साफ पता चलता है कि निवेशक अब सुरक्षित माने जाने वाले और डिफेंसिव सेक्टर के शेयरों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं ताकि अनिश्चितता के दौर में उनके पोर्टफोलियो की सुरक्षा बनी रहे।
आज के टॉप लूजर्स (Top Losers): किस वजह से इन दिग्गज शेयरों में आई भारी गिरावट?
दूसरी ओर, आज के कारोबारी सत्र में बिकवाली की सबसे बड़ी मार जिन शेयरों पर पड़ी, उनमें मुख्य रूप से बैंकिंग, टेक और ऑयल एंड गैस सेक्टर की दिग्गज कंपनियां शामिल रहीं। टॉप लूजर्स की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल जैसी ब्लू-चिप कंपनियां प्रमुख रूप से रहीं। पिछले सत्र में इनमें जोरदार तेजी आई थी जिसके चलते आज निवेशकों ने ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली करना बेहतर समझा। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के उतार-चढ़ाव शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। बाजार के जानकारों की निवेशकों को यह सलाह है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों में ही निवेश करें और अपनी पोजीशन बनाते समय स्टॉप-लॉस का कड़ाई से पालन करें ताकि किसी भी अचानक आने वाले बड़े झटके से बचा जा सके।