ट्रंप का 'टैरिफ बम' गिरते ही भारतीय शेयर बाजार धड़ाम, फार्मा और बैंकिंग शेयरों में मची भयंकर बिकवाली!
वैश्विक बाजारों से आ रहे बेहद खराब संकेतों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े आर्थिक फैसले ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ कर रख दी है। आज (22 जुलाई 2026) हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है, जिससे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 600 अंकों से ज्यादा टूटकर धड़ाम हो गया। अमेरिकी प्रशासन द्वारा आयातित जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध तरीके से भारी-भरकम आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने के औचक ऐलान ने भारतीय फार्मा और दिग्गज बैंकिंग शेयरों को बुरी तरह धराशायी कर दिया है, जिससे दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को कुछ ही मिनटों में लाखों करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
ट्रंप के एक बयान से दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार, जानिए गिरावट की असली वजह
घरेलू बाजार में आज आई इस भीषण गिरावट का सबसे बड़ा विलेन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह ताजा बयान है, जिसने भारतीय दवा निर्यातकों की रातों की नींद उड़ा दी है। ट्रंप प्रशासन ने आधिकारिक घोषणा की है कि अमेरिका में आयात होने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर दो साल बाद 100 फीसदी और उसके अगले साल इसे बढ़ाकर 200 फीसदी तक कर दिया जाएगा। चूंकि भारत दुनिया भर में जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा सप्लायर है और भारतीय फार्मा कंपनियों की कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है, इसलिए इस 'टैरिफ बम' के फूटते ही निवेशकों में घबराहट फैल गई और उन्होंने भारतीय फार्मा कंपनियों से अपना पैसा तेजी से निकालना शुरू कर दिया। इसके अलावा, मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड ऑयल का $92 प्रति बैरल के पार पहुंचना भी भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।
दवा कंपनियों के शेयर हुए खूनम-खून, इन दिग्गजों में लगी लोअर सर्किट जैसी स्थिति
अमेरिकी नीति में हुए इस बड़े बदलाव का सबसे सीधा और जानलेवा असर निफ्टी फार्मा इंडेक्स (Nifty Pharma) पर देखने को मिल रहा है, जो आज लाल निशान में गोते लगा रहा है। भारत की दिग्गज दवा निर्माता कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिर पड़े हैं, जिसमें सबसे तगड़ी गिरावट ग्लैंड फार्मा (Gland Pharma) के शेयरों में करीब 3.57 फीसदी की दर्ज की गई है। इसके ठीक पीछे पीपीएल फार्मा (PPL Pharma) का शेयर भी 3.28 प्रतिशत तक टूट चुका है। भारत की सबसे बड़ी दवा कंपनियों में शुमार सिप्ला (Cipla) और ल्यूपिन (Lupin) के शेयर भी क्रमशः 2.50% और 2.92% की भारी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जबकि सन फार्मा (Sun Pharma) के स्टॉक में भी 2% से ज्यादा की कमजोरी देखी जा रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ट्रंप ने इस फैसले को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इन कंपनियों के मार्जिन पर बेहद बुरा असर पड़ सकता है।
बैंकिंग सेक्टर का भी निकला दम, इन दिग्गज बैंकों के लाल हुए शेयर
फार्मा सेक्टर में मची इस तबाही की आग से भारतीय बैंकिंग सेक्टर (Nifty Bank) भी खुद को नहीं बचा सका और बैंक निफ्टी में भी जबरदस्त गिरावट का दौर शुरू हो गया। बाजार के हेवीवेट और प्रमुख निजी व सरकारी बैंकों में निवेशकों ने आज बिकवाली का आक्रामक रुख अपनाया है। आज के कारोबार में एक्सिस बैंक (Axis Bank) का शेयर 1.42 फीसदी टूटकर सबसे ज्यादा नुकसान में दिख रहा है, जबकि देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भी 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ संघर्ष कर रहा है। इसके अलावा, बाजार की दिशा तय करने वाले एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) के शेयर भी करीब 0.89 फीसदी की कमजोरी के साथ ट्रेड कर रहे हैं, जिससे बाजार को संभालने का कोई भी सहारा नहीं मिल पा रहा है।
निफ्टी 24 हजार के करीब, इंडिगो सहित इन शेयरों में भी हुआ भारी नुकसान
दवा और बैंकिंग के अलावा आज एविएशन और आईटी सेक्टर पर भी मंदी के बादल छाए हुए हैं। आज के शुरुआती सत्र में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में विमानन कंपनी इंडिगो (InterGlobe Aviation) का नाम सबसे ऊपर है, जिसका शेयर 3.03% तक लुढ़क गया है। इसी तरह टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टीसीएस जैसी आईटी कंपनियों में भी बिकवाली हावी है। इन चौतरफा झटकों के कारण बीएसई सेंसेक्स फिसलकर 76,900 के नाजुक स्तर पर आ गया है, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 (Nifty 50) भी अपने बेहद महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 अंक के बेहद करीब पहुंच चुका है। बाजार विश्लेषकों ने स्थानीय निवेशकों (जैसे मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, लखनऊ और कोलकाता के रिटेल ट्रेडर्स) को फिलहाल फ्रेश बाइंग से बचने और वैश्विक भू-राजनीतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखने की सलाह दी है।