मस्क की कंपनी पर मंडराया संकट! 3 दिनों में 23% गिरा स्पेसएक्स का शेयर, निवेशकों के डूबे 600 अरब डॉलर; जानें बड़ी वजह

मस्क की कंपनी पर मंडराया संकट! 3 दिनों में 23% गिरा स्पेसएक्स का शेयर, निवेशकों के डूबे 600 अरब डॉलर; जानें बड़ी वजह

न्यूयॉर्क (बिजनेस डेस्क): दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क (Elon Musk) की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने तक स्पेसएक्स का शेयर 16% की बड़ी गिरावट के साथ 154.60 डॉलर पर आ गया।

इस मंदी के चलते पिछले महज तीन दिनों के भीतर कंपनी का शेयर करीब 23% तक टूट चुका है। इस ऐतिहासिक गिरावट के कारण स्पेसएक्स के मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) से 600 अरब डॉलर (लगभग 50.40 लाख करोड़ रुपये) से अधिक की भारी-भरकम रकम साफ हो गई है।

आखिर क्यों ताश के पत्तों की तरह टूट रहा है स्पेसएक्स का शेयर?

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्पेसएक्स के शेयरों में इस अचानक आई गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

1. 20 अरब डॉलर का भारी उधारी (Bond Issue) प्लान:

गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी की नई बॉन्ड बिक्री योजना को माना जा रहा है। स्पेसएक्स वित्तीय बाजार से पहली बार निवेश-योग्य बॉन्ड जारी कर कम से कम 20 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है। मार्केट एक्सपर्ट्स और विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारोबार में बड़ा विस्तार करने के लिए भारी कर्ज लेने जा रही है। इसी कर्ज और वित्तीय दबाव की आशंका के चलते निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बेचकर मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी।

2. IPO के बाद कम फ्लोट और प्रॉफिट बुकिंग:

स्पेसएक्स का हाल ही में आया 75 अरब डॉलर का रिकॉर्ड आईपीओ (IPO) बाजार में लिस्ट हुआ था। शुरुआत में शेयरों में भारी उछाल आया, लेकिन अब निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आईपीओ के समय केवल 4.2% शेयर ही आम जनता के लिए ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध कराए गए थे। बाजार में शेयरों की उपलब्धता (कम फ्लोट) कम होने और खुदरा निवेशकों की भारी भागीदारी के कारण शेयर की कीमतों में यह तेज उतार-चढ़ाव (Volatality) देखने को मिल रहा है।

अंतरिक्ष के साथ अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर बड़ा दांव

स्पेसएक्स केवल रॉकेट और सैटेलाइट तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसी साल फरवरी में स्पेसएक्स ने एलन मस्क के एआई स्टार्टअप xAI का अधिग्रहण किया था। अब कंपनी अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर के निवेश पर काम कर रही है।

सोमवार को ही स्पेसएक्स ने एआई स्टार्टअप 'रिफ्लेक्शन एआई' (Reflection AI) के साथ एक मेगा-डील की है, जिसके तहत वह कंपनी को अरबों डॉलर के कंप्यूटिंग रिसोर्सेज उपलब्ध कराएगी।

गिरावट के बाद भी खुदरा निवेशकों का अटूट भरोसा

भले ही शेयर में 23% की भारी गिरावट आई हो, लेकिन आम और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के बीच स्पेसएक्स का क्रेज कम नहीं हुआ है।

  • रिकॉर्ड निवेश: आंकड़ों के मुताबिक, आईपीओ के बाद शुरुआती पांच ट्रेडिंग दिनों में ही खुदरा निवेशकों ने स्पेसएक्स में 405 मिलियन डॉलर का भारी निवेश किया।

  • दिग्गजों को पछाड़ा: पिछले सप्ताह रिटेल निवेशकों ने स्पेसएक्स के जितने शेयर खरीदे, वह अमेरिका की शीर्ष 7 टेक कंपनियों (Magnificent Seven - जिसमें एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया शामिल हैं) की कुल सामूहिक खरीदारी से भी कहीं अधिक थी।

  • मार्केट कैप: इस बड़ी गिरावट के बावजूद स्पेसएक्स का कुल मार्केट कैप अभी भी 2 ट्रिलियन डॉलर ($2 Trillion) के जादुई आंकड़े से ऊपर बना हुआ है और यह दुनिया की छठी सबसे मूल्यवान कंपनी की पोजीशन पर बरकरार है।

ब्रोकरेज फर्म की राय: आगे क्या होगा?

प्रसिद्ध ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म KeyBanc Capital Markets ने स्पेसएक्स के शेयर को "Sector Weight" रेटिंग दी है। विश्लेषकों का मानना है कि लॉन्ग टर्म के लिहाज से स्पेसएक्स अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और एआई सेक्टर में बहुत मजबूत विकास क्षमता रखती है, लेकिन शॉर्ट टर्म में शेयर की कीमतें काफी ऊपर जा चुकी थीं। अब दुनिया भर के निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि कंपनी बॉन्ड के जरिए जुटाए गए 20 अरब डॉलर का उपयोग कैसे करती है और एआई बिजनेस से उसे कब तक मुनाफा मिलना शुरू होता है।