Gold-Silver Price Today: चांदी ₹2.22 लाख के पार; सोने के दाम में स्थिरता, जानें क्या है आज का ताजा भाव

Gold-Silver Price Today: चांदी ₹2.22 लाख के पार; सोने के दाम में स्थिरता, जानें क्या है आज का ताजा भाव

बुधवार, 15 जुलाई 2026 को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, वहीं औद्योगिक मांग और अंतरराष्ट्रीय रुझानों के चलते चांदी ने तेजी का रुख बनाए रखा है।

आज का ताजा भाव (15 जुलाई 2026)

धातु शुद्धता/कैरेट भाव (प्रति 10 ग्राम/किलो)
सोना (Gold) 24K (शुद्ध) ₹1,42,800 (प्रति 10 ग्राम)
सोना (Gold) 22K (ज्वेलरी) ₹1,30,900 (प्रति 10 ग्राम)
चांदी (Silver) 99.9% शुद्ध ₹2,35,000 (प्रति किलो)

आंकड़े विभिन्न बाजार रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। स्थानीय करों और मेकिंग चार्जेस के कारण आपके शहर में भाव थोड़े अलग हो सकते हैं।

क्यों महंगा हो रहा है सोना और चांदी?

बाजार के विशेषज्ञों और बुलियन जानकारों के अनुसार, इन कीमती धातुओं में तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:

  • अमेरिका-ईरान तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता पैदा कर दी है। निवेशक 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) के रूप में सोने-चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • औद्योगिक मांग (Industrial Demand): चांदी की कीमतों में उछाल केवल निवेश के कारण नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), और एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में चांदी का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार सप्लाई से अधिक बनी हुई है।

  • महंगाई का दबाव: भारत में सीपीआई (CPI) मुद्रास्फीति दर का 4.38% तक पहुंचना, जो आरबीआई के लक्ष्य से अधिक है, भी निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर खींच रहा है। इससे 'हेजिंग' (जोखिम प्रबंधन) के लिए लोग सोने में निवेश कर रहे हैं।

  • वैश्विक रुझान: अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में चांदी के वायदा भाव में 1% से अधिक की बढ़ोतरी और वैश्विक अनिश्चितता ने घरेलू बाजार को भी प्रभावित किया है।

निवेश के लिए क्या है जानकारों की राय?

बाजार में वर्तमान में काफी उतार-चढ़ाव (Volatility) है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में गिरावट को एक 'करेक्शन' के रूप में देखना चाहिए। चांदी को लेकर रुख सकारात्मक है, लेकिन इसकी औद्योगिक प्रकृति के कारण इसमें उतार-चढ़ाव अधिक रहता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय 'स्टैगर्ड इन्वेस्टमेंट' (किश्तों में निवेश) का तरीका अपनाएं।

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