एयर इंडिया टर्बुलेंस कांड पर सरकार का बड़ा एक्शन, CEO कैंपबेल विल्सन तलब, मांगा जवाब
हाल ही में एयर इंडिया के विमान में उड़ान के दौरान हुई गंभीर टर्बुलेंस (Turbulence) की घटना ने देश भर में हड़कंप मचा दिया है। यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली इस गंभीर चूक को बेहद गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थिति की नजाकत को देखते हुए एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन को तलब किया गया है और उनसे विमानन सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तीखे सवाल पूछते हुए विस्तृत जवाब मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?
विमानन जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया की एक उड़ान के दौरान अचानक भयानक टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कई यात्रियों और केबिन क्रू के सदस्यों को गंभीर चोटें आईं। इस दौरान विमान के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और यात्रियों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता देनी पड़ी। इस घटना के सामने आने के बाद से ही एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था, मौसम की सटीक जानकारी साझा करने की प्रक्रिया और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तमाम तरह के सवाल उठने लगे थे। यात्रियों ने भी एयरलाइन प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सरकार और डीजीसीए की सख्त कार्रवाई, मांगा गया जवाब
नागर विमानन मंत्रालय और डीजीसीए ने इस घटना को बेहद गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। रेगुलेटर ने एयर इंडिया के शीर्ष प्रबंधन को नोटिस जारी कर पूछा है कि उड़ान भरने से पहले मौसम के मिजाज और रास्तों की सही निगरानी क्यों नहीं की गई? क्या एयरलाइन के पास इस तरह के आपातकाल से निपटने के लिए कोई ठोस प्रोटोकॉल नहीं था? सीईओ कैंपबेल विल्सन को व्यक्तिगत रूप से या आधिकारिक रिपोर्ट के साथ पेश होकर यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर सुरक्षा मानकों में यह चूक कहां और कैसे हुई। सरकार के इस सख्त एक्शन से देश की अन्य विमानन कंपनियों में भी हड़कंप मच गया है।
यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
सरकार की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल के दिनों में विमानों में तकनीकी खराबी, क्रू मेंबर्स की कमी और टर्बुलेंस से जुड़ी घटनाओं में इजाफा हुआ है, जिस पर संसद से लेकर आम जनता तक चिंता व्यक्त कर रही है। डीजीसीए अब देश की सभी एयरलाइंस के लिए मॉनसून और खराब मौसम के दौरान उड़ान भरने के नियमों को और अधिक कड़ा करने की तैयारी कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की खतरनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।