शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 429 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 429 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम

भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज का दिन एक बार फिर से भारी निराशा और चिंता लेकर आया, जब सप्ताह के कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में अचानक चौतरफा बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) आज कारोबार के अंत तक 429 अंकों की भारी-भरकम गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की संपत्ति में पलक झपकते ही हजारों करोड़ रुपये का साफ हो गए। इसी कड़ी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी (Nifty) भी इस मंदी के दौर से बच नहीं सका और धड़ाम होकर लाल निशान के नीचे आ गिरा। पिछले कुछ दिनों से वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और घरेलू मोर्चे पर महंगाई तथा कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया हुआ है। सुबह बाजार की शुरुआत भले ही मामूली उतार-चढ़ाव के साथ हुई हो, लेकिन दोपहर आते-आते बिकवाली इतनी हावी हो गई कि सूचकांक संभल नहीं पाए और देखते ही देखते बाजार में हाहाकार मच गया।

ऑटो, बैंकिंग और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली, निवेशकों को भारी चपत

आज के इस कारोबारी सत्र में बाजार की इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव जिम्मेदार रहा। जानकारों का कहना है कि दुनिया भर की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों को लेकर चल रही खींचतान और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण वैश्विक निवेशक जोखिम भरे बाजारों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में आई इस सुस्ती की वजह से निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की, जिसके कारण बैंक निफ्टी भी भारी दबाव में नजर आया। इसके अलावा, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी आज जमकर बिकवाली देखने को मिली, जिससे छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो को भी तगड़ा झटका लगा है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर कोई सकारात्मक आर्थिक संकेत या घरेलू मोर्चे पर मजबूत कॉरपोरेट अर्निंग के आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक बाजार में इस प्रकार का उतार-चढ़ाव और अस्थिरता का माहौल बना रह सकता है।

आज के टॉप गेनर्स: गिरावट के बाजार में भी इन शेयरों ने निवेशकों को कराया मुनाफा

मंदी और लाल निशान के बीच डूबे हुए शेयर बाजार में भी कुछ चुनिंदा कंपनियां ऐसी रहीं जिनके शेयरों ने अपनी मजबूती का परिचय दिया और निवेशकों को शानदार रिटर्न दिलाकर मालामाल कर दिया। आज के कारोबारी सत्र के टॉप गेनर्स (Top Gainers) की सूची में मुख्य रूप से चुनिंदा फार्मास्युटिकल, एफएमसीजी और चुनिंदा मेटल सेक्टर के शेयर शामिल रहे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हरे निशान के साथ कारोबार समाप्त किया। निवेशकों की खरीदारी के समर्थन से इन कंपनियों के शेयरों में एक से तीन प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह साबित होता है कि मंदी के माहौल में भी बुनियादी रूप से मजबूत और डिफेंसिव शेयरों में पैसा लगाना हमेशा सुरक्षित विकल्प साबित होता है। विश्लेषकों का यह सुझाव है कि मौजूदा बाजार की अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों को घबराने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों की पहचान करके ही लंबी अवधि के लिए निवेश का फैसला लेना चाहिए।

आज के टॉप लूजर्स: इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों को हुआ सबसे बड़ा नुकसान

दूसरी तरफ यदि आज के कारोबार में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों यानी टॉप लूजर्स (Top Losers) की बात करें, तो दिग्गज टेक कंपनियों, ऑटोमोबाइल दिग्गजों और बड़े वित्तीय संस्थानों के शेयरों को भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। बिकवाली के इस दबाव के कारण कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दो से चार प्रतिशत तक लुढ़क गए, जिससे उनके निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। विश्लेषकों का कहना है कि जब बाजार में व्यापक स्तर पर मुनाफावसूली हावी होती है, तो सबसे ज्यादा मार उन्हीं शेयरों पर पड़ती है जिनमें पिछले कुछ महीनों में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। बाजार के जानकारों का यह भी मानना है कि मौजूदा वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए निवेशकों को अभी कुछ और दिनों तक सतर्कता बरतनी चाहिए और किसी भी प्रकार के आक्रामक निवेश से बचना चाहिए ताकि वे बाजार के इस उतार-चढ़ाव भरे दौर में अपने पूंजी की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित कर सकें।