IT Stocks Boom: क्या आईटी शेयरों के सच में आ गए 'अच्छे दिन'? 3 दिन में 8% की तूफानी तेजी के बाद एक्सपर्ट्स ने खोला बड़ा राज

IT Stocks Boom: क्या आईटी शेयरों के सच में आ गए 'अच्छे दिन'? 3 दिन में 8% की तूफानी तेजी के बाद एक्सपर्ट्स ने खोला बड़ा राज

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से सुस्ती का शिकार रहे आईटी (Information Technology) सेक्टर के शेयरों में अचानक जोरदार बहार लौट आई है। मंगलवार के कारोबारी सत्र में आईटी स्टॉक्स के दम पर पूरे बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स (Nifty IT Index) 4 फीसदी से भी ज्यादा की छलांग लगाकर 29,566 के स्तर पर पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि आईटी सेक्टर में लगातार तीसरे दिन यह तेजी का सिलसिला जारी रहा है, जिसके चलते पिछले महज तीन दिनों के भीतर ही इस इंडेक्स में कुल 8% का बंपर उछाल आ चुका है। इस धमाकेदार रिकवरी को देखकर हर निवेशक के मन में यही सवाल उठ रहा है कि क्या आईटी शेयरों के बुरे दिन अब खत्म हो गए हैं और क्या इसमें पैसा लगाने का यह बिल्कुल सही समय है?

कोफोर्ज और इन्फोसिस समेत इन शेयरों में मची लूट, देखें टॉप गेनर्स की लिस्ट

मंगलवार को बाजार में चौतरफा खरीदारी के बीच निफ्टी आईटी इंडेक्स में शामिल सभी के सभी शेयर हरे निशान पर यानी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। इस रेस में सबसे आगे कोफोर्ज (Coforge) रहा, जिसके शेयरों में लगभग 7% की भारी-भरकम तेजी दर्ज की गई। इसके बाद पर्सिस्टेंट सिस्टम्स (Persistent Systems) का नंबर आया, जो 4.75 प्रतिशत की मजबूती के साथ दौड़ रहा था।

अन्य दिग्गज कंपनियों की बात करें तो एलटीआईमाइंडट्री (LTIMindtree) में 4.68% और एम्फेसिस (Mphasis) में 4.55 प्रतिशत की शानदार तेजी देखी गई। देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शुमार टेक महिंद्रा 4.34%, ओएफएसएस (OFSS) 4.28% और इन्फोसिस (Infosys) 4.04% की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे। वहीं, देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) में भी 3% से अधिक की तेजी आई, जबकि विप्रो (Wipro) का शेयर 2.38% ऊपर चढ़कर बंद हुआ।

आखिर क्यों अचानक रॉकेट बन गए आईटी स्टॉक्स? जानिए 3 बड़ी वजहें

बाजार विश्लेषकों और एनालिस्ट्स के मुताबिक, निवेशकों का भरोसा आईटी सेक्टर पर अचानक लौटने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े और ठोस कारण काम कर रहे हैं:

  1. रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। चूंकि भारतीय आईटी कंपनियां अपनी सेवाओं का बड़ा हिस्सा विदेशों में निर्यात करती हैं और उनकी अधिकांश कमाई डॉलर में होती है, इसलिए रुपया कमजोर होने से इन कंपनियों के मार्जिन और मुनाफे में सीधा बड़ा इजाफा होने की उम्मीद जाग गई है।

  2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भारी लागत: बाजार में पहले यह डर था कि ओपनएआई (OpenAI) और एआई टूल्स इंसानी नौकरियों और पारंपरिक आईटी बिजनेस को तुरंत खत्म कर देंगे। लेकिन अब यह साफ हो रहा है कि एआई को लागू करने की लागत अभी भी इंसानी श्रम (Human Labor) से काफी ज्यादा है। इस वजह से पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर मंडरा रहा तत्काल खतरा फिलहाल टल गया है।

  3. आकर्षक वैल्यूएशन और डिविडेंड: पिछले कई महीनों की भारी बिकवाली के कारण इन कंपनियों के शेयर काफी निचले स्तरों पर आ चुके हैं। वर्तमान कीमतों पर इनका वैल्यूएशन काफी सस्ता और आकर्षक हो गया है। इसके अलावा टीसीएस जैसी मजबूत कंपनियों में डिविडेंड यील्ड (लाभांश) काफी शानदार स्तर पर पहुंच गई है, जो निवेशकों को अपनी तरफ खींच रही है।

एक्सपर्ट्स की राय: क्या आगे भी जारी रहेगी यह शानदार तेजी?

आईटी सेक्टर के इस यू-टर्न पर कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के महेश एम ओझा का कहना है कि आईटी सेक्टर में यहां से और तेजी आने की पूरी गुंजाइश दिखाई देती है। हालांकि, लगातार तीन दिनों की बड़ी बढ़त के बाद बाजार में थोड़ा ठहराव या मामूली मुनाफावसूली आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में बढ़त का यह रुझान आगे भी कायम रहने की उम्मीद है।

दूसरी तरफ, लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर हरिप्रसाद ने इस पर थोड़ा अलग और सतर्क नजरिया पेश किया है। उनके अनुसार, आईटी स्टॉक्स अब अपनी पारंपरिक साइक्लिकल ग्रोथ (Cyclical Growth) से हटकर एक सुरक्षित निवेश यानी 'डिफेंसिव हेज' (Defensive Hedge) के रूप में उभर रहे हैं। रुपये की कमजोरी और निर्यात से होने वाली स्थिर कमाई कंपनियों को सहारा देगी। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को आगाह करते हुए यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्च (IT Spending) में आई सुस्ती और भविष्य में एआई से मिलने वाली चुनौतियां इस सेक्टर की बहुत बड़ी तेजी पर ब्रेक भी लगा सकती हैं।

साल 2026 में अब तक का प्रदर्शन और मार्च तिमाही की हकीकत

भले ही पिछले तीन दिनों में आईटी सेक्टर ने निवेशकों को मुस्कुराने का मौका दिया हो, लेकिन अगर हम बड़े परिदृश्य को देखें तो साल 2026 में अब तक का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। इस साल अब तक आईटी शेयरों में कुल मिलाकर 22% से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इसकी मुख्य वजह क्लाउड कोड (Cloud Code) और चैटजीपीटी जैसे एडवांस एआई टूल्स का तेजी से मुख्यधारा में आना रहा है, जिसने पूरे सेक्टर के सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया था।

इसके साथ ही, हाल ही में जारी हुए मार्च 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजे भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे थे। अधिकांश बड़ी आईटी कंपनियां बाजार और विश्लेषकों के ग्रोथ अनुमानों को छूने में नाकाम रही थीं। देश की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस (TCS) ने इस दौरान महज 1.2% की तिमाही बढ़त दर्ज की थी, जो बड़ी कंपनियों में सबसे ज्यादा थी, जबकि टेक महिंद्रा की ग्रोथ महज 0.6% के बेहद मामूली स्तर पर सिमट कर रह गई थी। ऐसे में मौजूदा तेजी को विशेषज्ञ एक अच्छी रिकवरी मान रहे हैं, लेकिन पूरी तरह से 'अच्छे दिन' आने के लिए अगली तिमाहियों के प्रदर्शन पर नजर रखनी होगी।

 

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