RBI Open Treasury For Govt: रिजर्व बैंक ने सरकार के लिए खोला कुबेर का खजाना, ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड डिविडेंड का किया ऐतिहासिक ऐलान
भारतीय अर्थव्यवस्था और मोदी सरकार के लिए आज का दिन बेहद शानदार साबित हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए अपना खजाना पूरी तरह खोल दिया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को रिकॉर्ड तोड़ 2.87 लाख करोड़ रुपये $$2,87,000\text{ करोड़}$$ का डिविडेंड (सरप्लस ट्रांसफर) देने की बड़ी घोषणा की है। आरबीआई का यह फैसला अब तक के इतिहास में सरकार को मिलने वाला सबसे बड़ा डिविडेंड भुगतान है, जिससे राजकोषीय घाटे को कम करने में सरकार को बहुत बड़ी मदद मिलने वाली है।
गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक में हुआ बड़ा फैसला
रिजर्व बैंक के इस ऐतिहासिक फैसले पर मुहर आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में लगी। इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की। बोर्ड ने देश की आर्थिक स्थिति और बैंक के बही-खाते की समीक्षा करने के बाद सरकार को यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर करने का निर्णय लिया। आपको बता दें कि यह लगातार तीसरा साल है जब आरबीआई ने सरकार को उम्मीद से बढ़कर सरप्लस ट्रांसफर किया है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्रीय बैंक ने 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था, जो कि उससे पिछले साल के मुकाबले 27.4 प्रतिशत अधिक था। अगर इसके पिछले रिकॉर्ड को देखें तो आरबीआई ने वित्त वर्ष 2023-24 में 2.1 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2022-23 में 87,416 करोड़ रुपये सरकार की झोली में डाले थे।
आरबीआई की कमाई में बंपर उछाल, ₹91 लाख करोड़ के पार पहुंचा बही-खाता
सरकार को इतना बड़ा डिविडेंड मिलने की मुख्य वजह रिजर्व बैंक की कमाई में हुआ जबरदस्त इजाफा है। आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में जोखिम प्रावधान (Risk Provision) और वैधानिक फंड में ट्रांसफर करने से पहले बैंक की कुल आय बढ़कर 3,95,972.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 3,13,455.77 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही 31 मार्च 2026 तक रिजर्व बैंक का पूरा बही-खाता (Balance Sheet) 20.61 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 91,97,121.08 करोड़ रुपये का हो गया है, जो भारतीय बैंकिंग इतिहास में केंद्रीय बैंक की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए डाले ₹81,590 करोड़
डिविडेंड के बड़े ऐलान के साथ ही आरबीआई ने देश के बैंकिंग सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को रिजर्व बैंक ने तीन दिनों की वेरिएबल रेपो रेट (VRR) नीलामी के माध्यम से देश के कमर्शियल बैंकों में 81,590 करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी (Liquidity) डाली है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में नकदी के अस्थायी उतार-चढ़ाव और कमी की स्थिति से निपटना है। वीआरआर (VRR) नीलामी आरबीआई का एक बेहद प्रभावी मौद्रिक साधन (Monetary Tool) है, जिसके जरिए वह बेहद शॉर्ट टर्म अवधि के लिए बैंकों को फंड मुहैया कराता है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह भारी-भरकम रकम 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ दर पर बैंकिंग सिस्टम में डाली गई है, जिससे बाजार में पैसों की किल्लत नहीं होगी।