Stock Market Crash: क्या 20% टूटेगा भारतीय शेयर बाजार? दुनिया के इस दिग्गज निवेशक की भविष्यवाणी ने बढ़ाई टेंशन
नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क): आज यानी 23 जून 2026, मंगलवार को जब वैश्विक टेक मंदी के चलते भारतीय शेयर बाजार का सूचकांक सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूट गया, ठीक उसी समय बाजार के भविष्य को लेकर एक बेहद डरावनी भविष्यवाणी सामने आई है। दुनिया के जाने-माने दिग्गज निवेशक, अर्थशास्त्री और लेखक मार्क फेबर (Marc Faber) ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार में 20 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
'ग्लोम, बूम एंड डूम' (Gloom, Boom & Doom) रिपोर्ट के प्रकाशक मार्क फेबर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि भारतीय बाजारों में अब गिरावट वाले सेंटीमेंट (Bearish Sentiment) की एंट्री हो चुकी है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए अभी खरीदारी की शुरुआत करना बिल्कुल ठीक नहीं होगा।
मार्क फेबर ने क्यों की बाजार क्रैश होने की भविष्यवाणी?
दिग्गज निवेशक ने भारतीय बाजार में 20% की गिरावट के पीछे मुख्य रूप से 3 बड़े कारण बताए हैं:
1. अत्यधिक महंगा वैल्यूएशन (Expensive Valuation)
मार्क फेबर और ब्रोकरेज फर्म नुवामा (Nuvama) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय भारतीय शेयर बाजार काफी महंगा (Overvalued) हो चुका है। देश का मौजूदा कुल मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) भारत की जीडीपी (GDP) का 130 गुना (130%) हो चुका है, जबकि पिछले 10 साल का ऐतिहासिक औसत केवल 100 गुना रहा है। इसके अलावा निफ्टी इस समय अपनी फॉरवर्ड अर्निंग के 19 से 19.5 गुना के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, जो कोविड महामारी के बाद से सबसे उच्चतम स्तर है।
2. कंपनियों की कमजोर कमाई (Corporate Earnings)
फेबर का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में भारतीय कंपनियों के कॉर्पोरेट नतीजे (Earnings) निवेशकों को निराश कर सकते हैं। जब कंपनियों की वास्तविक कमाई बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं होगी, तो शेयरों की कीमतों में भारी सुधार (Correction) होना तय है।
3. ग्लोबल लिक्विडिटी में सुस्ती
मार्क फेबर के अनुसार, "मौजूदा समय में दुनिया भर के शेयर बाजार ग्लोबल लिक्विडिटी (वैश्विक नकदी प्रवाह) के दम पर दौड़ रहे हैं। बाजार में लिक्विडिटी बढ़ तो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार पहले की तुलना में काफी धीमी हो गई है। ऐसे में आज के दौर में बहुत सस्ते और वैल्यू वाले स्टॉक्स ढूंढना बेहद मुश्किल हो चुका है।"
विदेशी निवेशकों (FIIs) का हुआ मोहभंग, बंपर बिकवाली
मार्क फेबर की यह डरावनी भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं:
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$49 Billion की निकासी: दिसंबर 2024 से लेकर अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 49 अरब डॉलर की भारी-भरकम रकम की निकासी की है।
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बिकवाली की तेज रफ्तार: साल 2026 के शुरुआती 5 महीनों में ही विदेशी निवेशकों ने जितनी आक्रामक बिकवाली की है, वह पूरे साल 2025 में की गई कुल बिकवाली के बराबर है।
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बार्कलेज (Barclays) की रिपोर्ट: पिछले हफ्ते ही वैश्विक वित्तीय संस्था बार्कलेज ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय बाजार को वैश्विक निवेशकों द्वारा 'सबसे कम पसंद किया जाने वाला मार्केट' (Underweight/Least Preferred) बताया था।
मजबूत इकनॉमी के बावजूद क्यों है डर?
एक तरफ जहां शेयर बाजार पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के बुनियादी आंकड़े बेहद मजबूत हैं। पिछले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 प्रतिशत रही थी, जबकि मार्च 2026 की तिमाही में देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो आरबीआई (RBI) और सरकार के अनुमानों से भी बेहतर थी।