1 लाख रुपये के बना दिए करोड़ों: पिछले 10 साल में इन 5 शेयरों ने काटा गदर

1 लाख रुपये के बना दिए करोड़ों: पिछले 10 साल में इन 5 शेयरों ने काटा गदर

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) इन दिनों अपने ऑल टाइम हाई के आस-पास कारोबार करते हुए निवेशकों पर पैसों की बारिश कर रहा है। मंगलवार को भी बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई, जहां बेंचमार्क निफ्टी 50 सूचकांक 0.63 फीसदी की बढ़त के साथ 23,269.35 के स्तर पर बंद हुआ। इस चौतरफा तेजी के बीच दलाल स्ट्रीट के कुछ ऐसे 'सुपर मल्टीबैगर' स्टॉक्स (Multibagger Stocks) चर्चा के केंद्र में आ गए हैं, जिन्होंने पिछले एक दशक यानी 10 सालों में अपने निवेशकों की किस्मत पूरी तरह से बदल दी है। इन चुनिंदा 5 कंपनियों ने लगातार व्यापारिक विस्तार, दमदार मैनेजमेंट और मजबूत परिचालन के दम पर महज 1 लाख रुपये के मामूली निवेश को करोड़ों रुपये के विशाल फंड में तब्दील कर दिया है। आइए जानते हैं इन पांचों वेल्थ क्रिएटर कंपनियों के बिजनेस मॉडल और उनकी इस अविश्वसनीय ग्रोथ की असली इनसाइड स्टोरी।

पतंजलि फूड्स लिमिटेड: तेल बेचने वाली कंपनी कैसे बनी FMCG की बेताज बादशाह, दिया 6,156% का रिकॉर्ड रिटर्न

दशकों में सबसे बड़ी धनवर्षा करने वाली कंपनियों की लिस्ट में योग गुरु बाबा रामदेव के ग्रुप की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड सबसे टॉप पर उभरकर सामने आई है। इस शेयर ने पिछले 10 वर्षों में अपने शेयरधारकों को लगभग 6,156 प्रतिशत का अविश्वसनीय और छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। कभी केवल एडिबल ऑयल यानी खाद्य तेल के कारोबार तक सीमित रहने वाली इस कंपनी ने रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए खुद को फूड, होम केयर और पर्सनल केयर सेगमेंट में पूरी तरह स्थापित कर लिया है। पतंजलि आयुर्वेद के मुख्य व्यवसायों के मर्जर ने इसके एफएमसीजी पोर्टफोलियो को इतनी मजबूती दी कि वॉल्यूम और प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में कंपनी ने आसमान छू लिया और इसकी अर्निंग ग्रोथ आज भी नए रिकॉर्ड बना रही है।

क्यूपिड लिमिटेड: वैश्विक बाजारों में जमाया सिक्का, मिला 5,692% का तगड़ा मुनाफा

हेल्थकेयर और वेलनेस सेक्टर की दिग्गज कंपनी क्यूपिड लिमिटेड ने पिछले एक दशक में अपने निवेशकों को लगभग 5,692 प्रतिशत का बंपर कूटनीतिक रिटर्न कमाकर दिया है। कंपनी ने पुरुष व महिला कंडोम, पर्सनल लुब्रिकेंट्स और एडवांस डायग्नोस्टिक प्रोडक्ट्स के मामले में खुद को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और भरोसेमंद सप्लायर के रूप में स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों से मिलने वाले बड़े और लगातार ऑर्डर्स, मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में लगातार किए गए विस्तार और एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ की बदौलत कंपनी ने लंबी अवधि में निवेशकों को मालामाल कर दिया है। कंपनी वर्तमान में अपने एक्सपोर्ट फुटप्रिंट को और बड़ा करने पर काम कर रही है।

लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स: इंफ्रास्ट्रक्चर बूम का मिला सीधा फायदा, शेयर ने दिया 4,704% का रिटर्न

इंजीनियरिंग और भारी विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी लॉयड्स इंजीनियरिंग वर्क्स ने पिछले 10 वर्षों में अपने निवेशकों की पूंजी को करीब 4,704 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ाया है। भारत में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल बूम का कंपनी को सीधा और बड़ा फायदा मिला है। हाई-वैल्यू वाली औद्योगिक परियोजनाओं के सफल निष्पादन, बड़े इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स को समय पर पूरा करने और विभिन्न क्षेत्रों में अपने काम के विविधीकरण (Diversification) ने इसकी ऑर्डर पाइपलाइन को हमेशा फुल रखा। यही वजह है कि कंपनी की वित्तीय सेहत लगातार सुधरती गई और शेयर ने शेयर बाजार में मल्टीबैगर रिटर्न जनरेट करके दिखाया।

डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड: बिजली क्षेत्र की मांग से पलटी किस्मत, प्रमोटर्स के पास 84% हिस्सेदारी

पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में गदर मचाने वाली कंपनी डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर ने पिछले 10 सालों की अवधि में लगभग 4,290 प्रतिशत का दमदार रिटर्न डिलीवर किया है। एक समय उतार-चढ़ाव से गुजरने वाली इस कंपनी का पुनरुद्धार तब शुरू हुआ जब देश के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर से भारी मांग आने लगी। कंपनी ने अपनी परिचालन क्षमताओं और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में जबरदस्त सुधार किया, जिससे हालिया तिमाहियों में इसकी नेट प्रॉफिटेबिलिटी में तीव्र उछाल देखा गया। मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, इस कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 84 प्रतिशत से भी अधिक बनी हुई है, जो इसके बिजनेस मॉडल पर प्रमोटर्स के अटूट भरोसे को दर्शाती है।

अदानी पावर लिमिटेड: देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर कंपनी बनी, निवेशकों को दिया 3,587% का रिटर्न

गौतम अदानी के नेतृत्व वाली अदानी पावर लिमिटेड ने भी पिछले 10 वर्षों के दौरान अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए करीब 3,587 प्रतिशत का भारी-भरकम रिटर्न जनरेट किया है। भारत में बिजली की लगातार बढ़ती मांग, शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और संकटग्रस्त पावर एसेट्स के सफल रणनीतिक अधिग्रहण ने कंपनी को इस मुकाम पर पहुंचाया है। अदानी पावर आज देश की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी बन चुकी है। कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने रिकॉर्ड 105 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन किया है, जबकि इसकी कुल स्थापित विस्तार क्षमता अब 13.3 गीगावाट (GW) के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है।

 

 

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