घाटे से मुनाफे में आते ही रॉकेट बना यह मिनीरत्न सरकारी शेयर, रिकॉर्ड टर्नओवर के दम पर 2 दिन में 33% की तूफानी तेजी
भारतीय शेयर बाजार में जब सरकारी कंपनियों यानी PSU स्टॉक्स की बात आती है, तो निवेशकों की नजरें हमेशा दमदार परफॉर्मेंस वाले शेयरों पर टिकी होती हैं। इस समय दलाल स्ट्रीट पर एक ऐसी ही मिनीरत्न सरकारी कंपनी ने अपनी जबरदस्त वित्तीय सुधार से सबको चौंका दिया है। ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DCIL) के शेयरों में बुधवार को ऐसी ताबड़तोड़ खरीदारी देखने को मिली कि स्टॉक एक ही दिन में 14% से ज्यादा की छलांग लगाकर 1152.70 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस ताजा उछाल के साथ ही बीते महज दो दिनों के भीतर इस शेयर ने अपने निवेशकों को करीब 33% का धांसू रिटर्न दे दिया है।
चौथी तिमाही के नतीजों ने बदला गेम, ट्रेडिंग वॉल्यूम 10 गुना बढ़ा
इस सरकारी कंपनी के शेयरों में आई इस तूफानी तेजी के पीछे इसके चौथी तिमाही (Q4) के बेहद मजबूत और चौंकाने वाले नतीजे हैं। नतीजों के आते ही बाजार में इस स्टॉक को खरीदने की होड़ मच गई, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार को इसका एवरेज ट्रेडिंग वॉल्यूम आम दिनों के मुकाबले 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया। इस बंपर तेजी के बाद अब यह शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 1245.90 रुपये (जो इसने 30 जनवरी 2026 को छुआ था) के बेहद करीब पहुंच गया है।
तगड़े घाटे से सीधे भारी-भरकम मुनाफे में आई कंपनी
अगर कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर डालें तो ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ने इस बार बाजी पलट दी है। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी को 87 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल की इसी समान तिमाही में कंपनी को 25 करोड़ रुपये का भारी घाटा उठाना पड़ा था। घाटे से उबरकर मुनाफे में आने की इस कहानी ने निवेशकों के भरोसे को दोगुना कर दिया है।
इसके साथ ही मार्च 2026 तिमाही के दौरान ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 73.2% की जबरदस्त बढ़त के साथ 478 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल सिर्फ 276 करोड़ रुपये था। कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी इबिट्डा (EBITDA) भी 33 करोड़ रुपये से बढ़कर 143 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जिससे इबिट्डा मार्जिन 12% से सीधे उछलकर 30% के शानदार स्तर पर जा पहुंचा है।
इतिहास का सबसे बड़ा सालाना टर्नओवर और आगे का मेगा प्लान
न सिर्फ तिमाही बल्कि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मिनीरत्न कंपनी ने इस दौरान अपने इतिहास का सबसे ज्यादा 1214.09 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर हासिल किया है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि वे घरेलू ड्रेजिंग सेक्टर में अपनी पकड़ को और मजबूत करने तथा इस ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी ने सुधरते हालातों को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1500 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल करने का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। आपको बता दें कि यह कंपनी भारत के चार बड़े पोर्ट्स - विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA), पारादीप पोर्ट अथॉरिटी और दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के कंसोर्शियम के अंतर्गत काम करती है।
निचले स्तर से 100% से ज्यादा की रिकवरी, मार्केट कैप में भारी उछाल
लॉन्ग टर्म और मीडियम टर्म इनवेस्टर्स के लिए यह स्टॉक एक बार फिर मल्टीबैगर साबित हो रहा है। पिछले साल 15 अक्टूबर 2025 को यह शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर 561.70 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जहां से महज कुछ महीनों में ही यह 100% से अधिक की रिकवरी दिखाते हुए 1152.70 रुपये पर पहुंच गया है। इस शानदार तेजी के चलते बुधवार को ड्रेजिंग कॉरपोरेशन का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Cap) भी 3050 करोड़ रुपये के पार निकल गया है। मुनाफे की इस नई रफ्तार ने यह साबित कर दिया है कि सही रणनीतिक सुधार से सरकारी कंपनियां भी बाजार में बड़ा धमाका कर सकती हैं।