टाटा ग्रुप का यह दमदार शेयर दे रहा है कमाई का बड़ा मौका, गिरावट के बाद ब्रोकरेज ने दिया ₹255 का टारगेट; क्या आपने लगाया दांव

टाटा ग्रुप का यह दमदार शेयर दे रहा है कमाई का बड़ा मौका, गिरावट के बाद ब्रोकरेज ने दिया ₹255 का टारगेट; क्या आपने लगाया दांव

टाटा ग्रुप की दिग्गज स्टील निर्माता कंपनी टाटा स्टील (Tata Steel) के शेयरों में मंगलवार को करीब 3% की गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद स्टॉक ₹203 के स्तर पर आ गया। लेकिन बाजार के जानकारों और दिग्गज ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए एक बेहतरीन खरीदारी का मौका हो सकती है। मशहूर ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) इस शेयर को लेकर बेहद बुलिश नजर आ रही है और उसने इस स्टॉक पर अपनी 'बाय' (Buy) रेटिंग बरकरार रखते हुए इसके टारगेट प्राइस में बड़ा बदलाव किया है।

जानिए क्या है नया टारगेट प्राइस और कितनी है बढ़त की गुंजाइश

ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने टाटा स्टील के शेयरों के लिए अगले 12 महीनों का टारगेट प्राइस ₹255 तय किया है। मौजूदा बाजार भाव के लिहाज से देखें तो इस शेयर में आगे चलकर करीब 20% तक की शानदार बढ़त देखने को मिल सकती है। आपको बता दें कि हाल ही में 5 मई 2026 को इस स्टॉक ने ₹224.40 का अपना 52 हफ्ते का नया हाई लेवल छुआ था। यानी इस समय यह शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से काफी अच्छे डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है, जो नए निवेशकों के लिए एंट्री का सही समय साबित हो सकता है। इस शेयर का 52 हफ्ते का निचला स्तर ₹149.70 है।

उम्मीद से बेहतर रहे चौथी तिमाही के नतीजे

टाटा स्टील के प्रति ब्रोकरेज के इस भरोसे के पीछे कंपनी के शानदार तिमाही नतीजे हैं। मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी ने ₹9,946 करोड़ का कंसोलिडेटेड एबिटा (EBITDA) दर्ज किया है, जो बाजार के ₹9,570 करोड़ के अनुमान से कहीं अधिक है। भारतीय बाजार में हुए बंपर मुनाफे और यूरोप में व्यापार के बेहतर प्रदर्शन से कंपनी की अर्निंग को जबरदस्त सपोर्ट मिला है। भारत में कंपनी का स्टैंडअलोन एबिटा प्रति टन तीसरी तिमाही के ₹13,600 से बढ़कर मार्च तिमाही में करीब ₹15,900 हो गया है। इसके अलावा, कंपनी का सेल्स वॉल्यूम भी पिछले तिमाही के 60 लाख टन के मुकाबले बढ़कर 62 लाख टन पर पहुंच गया है।

टाटा स्टील यूरोप के कारोबार में आया बड़ा सुधार

ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही के दौरान टाटा स्टील यूरोप का एबिटा भी पॉजिटिव हो गया है, जो कंपनी के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। कोक ओवन परमिट से जुड़ी तमाम अनिश्चितताओं के बाद भी टाटा स्टील नीदरलैंड्स मुनाफे में रहने में कामयाब रही। वहीं, दूसरी ओर टाटा स्टील यूके (UK) के घाटे में भी पिछली तिमाहियों के मुकाबले इस बार काफी कमी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।

कंपनी ने घटाया अपना भारी-भरकम कर्ज

निवेशकों के लिए सबसे सकारात्मक खबर यह है कि टाटा स्टील लगातार अपना कर्ज कम करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी का नेट कर्ज दिसंबर 2025 के ₹81,800 करोड़ से घटकर मार्च 2026 तक ₹80,100 करोड़ के स्तर पर आ गया है। मजबूत कैश जेनरेशन और वर्किंग कैपिटल के सही इस्तेमाल से कर्ज को घटाने में बड़ी मदद मिली है। इसके साथ ही, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग ₹10,800 करोड़ की बड़ी लागत बचत (Cost Savings) की है और मैनेजमेंट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में ₹7,100 करोड़ की अतिरिक्त बचत और की जाएगी।

सालाना मुनाफे में हुआ तीन गुना से ज्यादा का उछाल

अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन की बात करें, तो टाटा स्टील ने वित्तीय मोर्चे पर झंडे गाड़ दिए हैं। पूरे साल में कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) तीन गुना से अधिक बढ़कर ₹10,885.82 करोड़ पर पहुंच गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में महज ₹3,173.78 करोड़ था। इस दौरान कंपनी की कुल आय भी ₹2,20,083.04 करोड़ से बढ़कर ₹2,33,541.72 करोड़ हो गई है। मुनाफे और रेवेन्यू की इस तूफानी रफ्तार को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि टाटा स्टील का शेयर जल्द ही अपनी नई ऊंचाई को छू सकता है।

 

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