बीजिंग॥ चीन कब क्या कर बैठे इसका किसी को अंदाजा नहीं है। दरअसल, चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिन्ग शातिर चलने चलने में काफी माहिर माने जाते हैं और इन दिनों पड़ोसी मुल्कों के मध्य तनाव पैदा करके वे पर्दे के पीछे एक नई खतरनाक चाल चलने में जुटे हुए हैं। तो वहीं अगर चीन को किसी घटना को अंजाम देना होता है तो वो उस काम को रात के समय में करता है।

हिंदुस्तान के साथ लद्दाख में चीन का तीखा सैन्य विवाद चल रहा है तो ताइवान, नेपाल और हांगकांग के साथ भी चीन का कई मुद्दों को लेकर विवाद है। इन विवादों के बीच जिनपिन्ग शातिर चाल चलते हुए खुद को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का चेयरमैन बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस महीने के लॉस्ट में इस प्रस्ताव को अनुमति मिल सकती है और कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी की ओर से नए रेग्यूलेशन को इजाजत दी जा सकती है।
पहले ही बहुत शक्तिशाली हो चुके हैं जिनपिन्ग
विशेषज्ञों ने बताया कि जिनपिन्ग के मंसूबों से लगता है कि वे चीन में अपनी ताकत और बढ़ाने की फिराक में हैं। यदि जिनपिन्ग सीपीसी का चेयरमैन बनने में सफल हो गए तो वे 45 वर्षों में इस पद को हासिल करने वाले पहले नेता होंगे।
आपको बता दें कि चीन की राजनीति तथा चीनी फौज पर अपना कंट्रोल और मजबूत करने के लिए जिनपिन्ग काफी दिनों से जुटे हुए थे। इस कार्य में उन्होंने सफलता हासिल कर ली है और अब उनकी नजर चेयरमैन बनने पर टिकी हुई है।
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