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Up kiran,Digital Desk : दिल्ली की सड़कों पर रफ़्तार का कहर एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। शनिवार की देर रात, जब पूरी दिल्ली सो रही थी, तब तीन दोस्त अपना काम खत्म करके घर जाने की तैयारी में थे। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पलों में उनकी दुनिया हमेशा के लिए बदलने वाली है।

यह दर्दनाक हादसा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके का है। उत्तराखंड के रहने वाले तीन दोस्त—रोहित सिंह बिष्ट, ललित और कपिल—एक रेस्टोरेंट में काम करते थे। रात करीब सवा दो बजे, काम खत्म करने के बाद वे घर जाने के लिए एक ऑटो स्टैंड पर सवारी का इंतज़ार कर रहे थे।

"हमने भागने की कोशिश की, पर बच नहीं सके..."

हादसे में घायल हुए ललित ने जब अस्पताल में होश आने पर पुलिस को जो बताया, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उसने कहा, "हमने देखा कि एक काले रंग की मर्सिडीज बहुत तेज रफ़्तार से हमारी तरफ आ रही थी। कार ने पहले डिवाइडर को टक्कर मारी और फिर हमारी ओर घूमने लगी। हम तीनों डरकर फुटपाथ पर चढ़ गए और अपनी जान बचाने के लिए भागे, लेकिन कार की रफ़्तार इतनी तेज थी कि हम बच नहीं सके।"

टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि कार रोहित और कपिल को अपने साथ कुछ दूर तक घसीटते हुए ले गई और फिर एक लोहे के खंभे से टकराकर पलट गई। इस भयानक हादसे में उत्तराखंड के चमोली के रहने वाले रोहित सिंह बिष्ट, जो एक शेफ थे, की मौके पर ही मौत हो गई। उनके दोनों दोस्त ललित और कपिल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, जहाँ वे ज़िंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

कौन था कार चलाने वाला?

कार चला रहे 29 साल के शिवम अरोड़ा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिवम माइक्रो-सॉफ्ट कंपनी में इंजीनियर है और नोएडा में काम करता है। हादसे के वक्त कार में उसके साथ उसकी नई नवेली पत्नी और बड़ा भाई भी मौजूद थे। एयरबैग खुलने की वजह से कार में बैठे तीनों लोगों की जान बच गई।

शिवम ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त की जी-वैगन कार से अपनी पत्नी को लेकर करोल बाग स्थित अपने घर लौट रहा था। पुलिस ने शिवम के खून के सैंपल ले लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह गाड़ी चलाते समय नशे में था।

एक तरफ तीन दोस्त थे जो मेहनत करके अपनी रोज़ी-रोटी कमा रहे थे और घर लौटने का इंतज़ार कर रहे थे, और दूसरी तरफ एक तेज रफ़्तार लग्ज़री कार ने आकर सब कुछ तबाह कर दिया। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि आखिर सड़कों पर यह रफ़्तार का जानलेवा खेल कब बंद होगा?