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Up kiran,Digital Desk : बॉलीवुड की हाल की चर्चित फिल्म धुरंधर ने भारत में बॉक्स-ऑफिस पर शानदार कमाई की है और दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई है। लेकिन मिडिल ईस्ट के कुछ देशों में इस फिल्म पर रोक लगाए जाने को लेकर अभिनेता दानिश पंडोर ने अपने विचार स्पष्ट किए हैं, साथ ही अपनी यात्रा और अनुभव भी साझा किए हैं। 

दानिश, जिन्होंने फिल्म में उज़ैर बलोच का किरदार निभाया है, ने बताया कि उनका करियर आसान नहीं रहा। कई बार उन्हें ढाई-तीन साल तक काम नहीं मिला और उन्हें लगातार ऑडिशन देना पड़ा। एक हिट फिल्म मिलना आसान काम नहीं है — यह पहचान जरूर देता है, लेकिन फिर भी कलाकार को खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है। 

जब धुरंधर के मिडिल ईस्ट में बैन पर सवाल पूछा गया, तो दानिश ने कहा कि “सिनेमा सब्जेक्टिव होता है”। उनका मानना है कि फिल्म कोई जबरन संदेश थोपने वाली नहीं है, बल्कि यह एक कहानी है जिसे दर्शक अपनी समझ से देख सकते हैं। वे कहते हैं कि लोग समझदार हैं और वे खुद तय करेंगे कि उन्हें फिल्म से क्या लेना है। इस तरह के बैन को उन्होंने अनावश्यक बताया।

दानिश ने कहा कि फिल्म की सफलता ने उन्हें गर्व महसूस कराया, लेकिन यह जिम्मेदारी भी बढ़ाती है कि वे भविष्य में अपने काम में और बेहतर रहें। वे यह भी मानते हैं कि केवल इंतज़ार करने से काम नहीं मिलता, बल्कि कड़ी मेहनत और पूरा प्रयास करना ज़रूरी है, बाकी जो नियंत्रित नहीं है उसे स्वीकार करना पड़ता है। 

उन्होंने अपने सह-कलाकारों की भी सराहना की। रणवीर सिंह को उन्होंने एक ऐसे कलाकार बताया जो दूसरों को चमकने का मौका देता है और पूरी तैयारी के साथ सेट पर आते हैं। वहीं अक्षय खन्ना के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी मौन तैयारी और सिनेमा में डूबकर काम करना प्रेरणादायक है। 

धुरंधर लगभग 41 दिनों तक लगातार बॉक्स-ऑफिस पर चली और करोड़ों की कमाई कर चुकी है, जिससे यह फिल्म भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना रही है।