सलमान खान के 5 यादगार रोल, एक में 'आशिक' बनकर छाए थे सुपरस्टार, दूसरी में डांस से बॉक्स ऑफिस पर किया था कब्जा
हिन्दी सिनेमा के गलियारों में जब भी बॉक्स ऑफिस के सुल्तान और सदाबहार सुपरस्टार्स की बात होती है, तो सलमान खान का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। तीन दशकों से ज्यादा लंबे अपने फिल्मी करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और अपने हर अंदाज से करोड़ों दिलों पर राज किया है। कभी पर्दे पर एक सच्चे और जुनूनी आशिक की भूमिका निभाकर उन्होंने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए, तो कभी अपने आइकॉनिक डांस मूव्स और जबरदस्त एनर्जी से बॉक्स ऑफिस पर ऐसा कब्जा जमाया कि अच्छे-अच्छे रिकॉर्ड धराशायी हो गए। सलमान खान की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने एक्शन, रोमांस, ड्रामा और कॉमेडी—हर जॉनर में खुद को साबित किया है। उनके कुछ किरदार ऐसे हैं जो आज भी सिनेमाप्रेमियों के दिलों में पूरी शिद्दत के साथ जिंदा हैं और जब भी टीवी पर आते हैं, लोग उन्हें उतनी ही दीवानगी के साथ देखते हैं। आज के इस विशेष लेख में हम भाईजान यानी सलमान खान के उन 5 सबसे यादगार और ऐतिहासिक रोल्स के बारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं, जिन्होंने उनके स्टारडम को आसमान की बुलंदियों पर पहुंचाया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गए।
'मैने प्यार किया' का प्रेम: जब एक मासूम आशिक ने चुरा लिए थे पूरे देश के दिल
सलमान खान के करियर की बात हो और फिल्म 'मैने प्यार किया' (1989) का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। सूरज बड़जात्या के निर्देशन में बनी इस पारिवारिक और रोमांटिक फिल्म ने रिलीज होते ही देश भर में तहलका मचा दिया था। इस फिल्म में सलमान खान ने 'प्रेम' नाम के एक ऐसे सीधे-साधे और मासूम लड़के का किरदार निभाया था, जो प्यार के लिए हर हद से गुजरने को तैयार रहता है। पर्दे पर उनका वह भोलापन, भाग्यश्री के साथ उनकी शानदार केमेस्ट्री और उनका यह डायलॉग "दोस्ती में नो सॉरी, नो थैंक्यू" आज भी लोगों की जुबान पर है। इस फिल्म ने रातों-रात सलमान खान को देश का सबसे बड़ा यूथ आइकॉन बना दिया था। एक आशिक के रूप में उनका यह रूप इतना लोकप्रिय हुआ कि इसके बाद उनका नाम ही कई फिल्मों में 'प्रेम' रख दिया गया। इस किरदार ने साबित कर दिया कि सलमान खान सिर्फ एक डैशिंग हीरो नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे संवेदनशील अभिनेता भी हैं जो अपनी आंखों और मासूमियत से दर्शकों के दिलों को सीधे छू सकते हैं। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे और यहीं से बॉलीवुड में 'भाईजान' के स्वर्णिम युग की वास्तविक शुरुआत हुई थी।
'जुड़वां' का डबल रोल: कॉमेडी और डांस से बॉक्स ऑफिस पर किया था धमाकेदार कब्जा
90 के दशक के मध्य में जब सलमान खान का नाम एक्शन और रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित हो चुका था, तब उन्होंने डेविड धवन की कॉमेडी फिल्म 'जुड़वां' (1997) में डबल रोल करके सबको हैरान कर दिया था। इस फिल्म में उन्होंने राजा और प्रेम नाम के दो जुड़वां भाइयों की भूमिका निभाई थी, जो बचपन में बिछड़ जाते हैं और बड़े होने पर उनकी जिंदगी में गजब का कन्फ्यूजन पैदा होता है। राजा का टपोरी अंदाज और प्रेम का शरीफ स्वभाव—दोनों ही रूपों में सलमान खान ने दर्शकों को पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर दिया था। इस फिल्म का संगीत और इसके गाने उस दौर के हर पार्टी और डीजे की शान बन गए थे। खासकर गानों पर सलमान खान के एनर्जेटिक डांस मूव्स ने सिनेमाघरों में बैठी जनता को झूमने पर मजबूर कर दिया था। इस फिल्म के जरिए उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे कॉमिक टाइमिंग के भी पक्के खिलाड़ी हैं। 'जुड़वां' ने बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई की और साबित किया कि सलमान खान जब पर्दे पर आते हैं, तो उनका डांस और उनकी कॉमिक स्टाइल सीधे बॉक्स ऑफिस पर कब्जा कर लेती है।
'तेरे नाम' का राधे: जुनूनी प्यार और दर्द की वह दास्तान जो आज भी रुला देती है
साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म 'तेरे नाम' सलमान खान के करियर की सबसे टर्निंग और इंटेंस फिल्मों में से एक मानी जाती है। निर्देशक सतीश कौशिक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सलमान खान ने 'राधे मोहन' का किरदार निभाया था, जो एक रफ-टफ लेकिन दिल के साफ लड़के से लेकर पागलपन की हद तक प्यार करने वाले एक आशिक की भूमिका में नजर आता है। फिल्म के पहले हाफ में उनका चुलबुला अंदाज और दूसरे हाफ में प्यार में धोखा खाने के बाद एक पागलों जैसी दीवानगी ने दर्शकों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया था। इस फिल्म में उनके हेयर स्टाइल (जिसे 'तेरे नाम कट' कहा गया) ने उस समय देश के युवाओं के बीच एक ऐसा क्रेज पैदा किया था कि हर दूसरा लड़का वैसी ही बाल कटाने लगा था। उनकी अभिनय क्षमता और दर्द से भरे अभिनय ने यह दिखा दिया कि वे अपनी इमेज से बाहर निकलकर किसी भी गंभीर किरदार में जान फूंक सकते हैं। आज भी जब इस फिल्म का क्लाइमैक्स आता है, तो दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और सलमान के करियर का एक मील का पत्थर साबित हुई।
'दबंग' का चुलबुल पांडे: स्वैग, एक्शन और डायलॉग्स से मचाया था गदर
साल 2010 में आई फिल्म 'दबंग' ने बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदलकर रख दिए और एक बार फिर से सलमान खान को इंडस्ट्री का निर्विवादित सुल्तान बना दिया। अभिनव कश्यप के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सलमान खान ने 'चुलबुल पांडे' यानी 'इंस्पेक्टर पांडे जी' का आइकॉनिक किरदार निभाया था। खाकी वर्दी में चश्मे को पीछे लटकाने का उनका अंदाज, मूंछों पर ताव देने की स्टाइल और एक से बढ़कर एक सीटीमार डायलॉग्स ने जनता को सिनेमाघरों में सीटियां बजाने पर मजबूर कर दिया था। "थप्पड़ से दर नहीं लगता साहब, प्यार से लगता है" जैसे डायलॉग्स आज भी पॉप कल्चर का हिस्सा हैं। इस फिल्म में उनका एक्शन, उनका स्वैग और उनका अनोखा देसी अंदाज दर्शकों को इस कदर भाया कि यह फिल्म उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई। चुलबुल पांडे के रूप में सलमान खान ने एक ऐसा किरदार गढ़ा जो आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और चहेते कॉप रोल्स में शीर्ष पर गिना जाता है, और इसने उनके स्टारडम को एक बिल्कुल ही नए मुकाम पर पहुंचा दिया था।
'बजरंगी भाईजान' का पवन कुमार चतुर्वेदी: सादगी और इंसानियत का जीता-जागता प्रतीक
साल 2015 में कबीर खान के निर्देशन में रिलीज हुई फिल्म 'बजरंगी भाईजान' सलमान खान के करियर की सबसे संवेदनशील और बेहतरीन फिल्मों में शुमार की जाती है। इस फिल्म में उन्होंने पवन कुमार चतुर्वेदी (बजरंगी) का किरदार निभाया था, जो भगवान हनुमान का परम भक्त है और अपनी ईमानदारी तथा उसूलों के लिए पूरी तरह समर्पित रहता है। कहानी तब एक दिलचस्प मोड़ लेती है जब उसे भारत में एक बेसहारा गूंगी पाकिस्तानी बच्ची 'मुन्नी' मिलती है और वह उसे हर हाल में उसके घर यानी पाकिस्तान सुरक्षित पहुंचाने की कसम खाता है। इस फिल्म में सलमान खान का कोई टिपिकल एक्शन या मारधाड़ वाला अवतार नहीं था, बल्कि उनकी सादगी, उनका भोलापन और मानवता से भरा दिल स्क्रीन पर जादू बिखेर रहा था। बच्ची के प्रति उनका प्यार और उसकी खातिर बॉर्डर पार करने का उनका संघर्ष दर्शकों के दिलों को छू गया। इस फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, बल्कि दुनिया भर के दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए। यह साबित करता है कि सलमान खान सिर्फ मास एंटरटेनर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे संवेदनशील अभिनेता हैं जो अपने अभिनय से किसी भी सामाजिक और भावनात्मक मुद्दे को गहराई से पर्दे पर उतार सकते हैं।