कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत कौर का बड़ा धमाका, जिम्बाब्वे के खिलाफ जड़ा शतक, मिताली राज को पीछे छोड़ा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि उनका बल्ला जब गरजता है, तो विरोधी टीमों के गेंदबाजों के होश उड़ जाते हैं। टीम की कप्तानी की भारी-भरकम जिम्मेदारी छोड़ने के बाद मैदान पर उतरी हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जा रही मौजूदा वनडे सीरीज में एक ऐसा धमाकेदार और ऐतिहासिक शतक जड़ा है, जिसने क्रिकेट के गलियारों में हलचल मचा दी है। इस शानदार शतकीय पारी के दम पर उन्होंने न सिर्फ अपनी क्लास और काबिलियत का लोहा मनवाया है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की महान खिलाड़ी मिताली राज को पीछे छोड़ते हुए एक नया और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। कप्तानी के दबाव से मुक्त होने के बाद हरमनप्रीत का यह आक्रामक और बेखौफ अंदाज इस बात का प्रमाण है कि वे अभी भी टीम के लिए सबसे बड़ी मैच विनर बनी हुई हैं। इस रिकॉर्ड-तोड़ पारी के बाद देश-विदेश के तमाम क्रिकेट दिग्गज उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दे रहे हैं। आइए आपको इस पूरी रिपोर्ट में बताते हैं कि कैसे हरमनप्रीत कौर ने यह ऐतिहासिक कारनामा अंजाम दिया और मिताली राज के किस बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है।
कप्तानी के बोझ से मुक्ति मिलते ही मैदान पर दिखा हरमनप्रीत का पुराना रौद्र रूप
किसी भी बड़े खिलाड़ी के लिए टीम की कप्तानी संभालना जितना गौरवशाली होता है, उतना ही वह मानसिक दबाव से भरा भी होता है। लंबे समय तक भारतीय महिला टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत कौर के कंधों पर हमेशा से टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी रही है, जिसका असर कभी-कभी उनकी व्यक्तिगत बल्लेबाजी फॉर्म पर भी देखने को मिल जाता था। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ इस सीरीज में जब उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होकर एक शुद्ध बल्लेबाज के रूप में मैदान पर कदम रखा, तो उनके अंदर एक अलग ही ऊर्जा और आक्रामकता देखने को मिली। क्रीज पर उतरते ही उनके शरीर की भाषा और शॉट खेलने का आत्मविश्वास यह बता रहा था कि वे आज कुछ बड़ा करने के इरादे से उतरी हैं। उन्होंने मैदान के चारों तरफ अपने चिर-परिचित अंदाज में शानदार शॉट्स खेले और जिम्बाब्वे के किसी भी गेंदबाज को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। कप्तानी के दबाव के बिना खुलकर खेलने का यह फैसला उनके और टीम दोनों के लिए बेहद शानदार साबित हुआ, और उन्होंने अपनी इस ताबड़तोड़ पारी से यह साबित कर दिया कि वे दुनिया की सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में क्यों गिनी जाती हैं।
जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ हरमनप्रीत का चला बल्ला, चौकों-छक्कों की बरसात
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले में भारतीय पारी की शुरुआत में भले ही कुछ शुरुआती झटके लगे हों, लेकिन हरमनप्रीत कौर ने क्रीज पर कदम रखते ही पारी को संभालने के साथ-साथ रन बनाने की गति को भी तेज कर दिया। उन्होंने शुरुआत में सिंगल और डबल रन लेकर अपनी नजरें पिच पर जमाईं और उसके बाद अपने ट्रेडमार्क अंदाज में आक्रामक रुख अपना लिया। स्पिनर्स हों या तेज गेंदबाज, हरमनप्रीत ने किसी को भी नहीं बख्शा और मैदान के लॉन्ग ऑफ, लॉन्ग ऑन, कवर और मिड-विकेट की दिशा में एक से बढ़कर एक दर्शनीय चौके और छक्के जड़े। उनके बल्ले से निकलने वाले हर एक शॉट में गजब की खूबसूरती और ताकत देखने को मिल रही थी। दर्शकों से भरी दीर्घा लगातार उनकी हर बाउंड्री पर तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ा रही थी। देखते ही देखते उन्होंने अपने इस तूफानी अंदाज को जारी रखते हुए वनडे करियर का एक और बेहतरीन शतक पूरा कर लिया। इस शतकीय पारी के दौरान उनके खेल में जो परिपक्वता और शॉट्स का चयन दिखा, वह वाकई लाजवाब था और उसने विरोधी टीम के खेमे में पूरी तरह से खलबली मचा दी थी।
मिताली राज को पीछे छोड़कर रचा नया इतिहास, बने कई बड़े रिकॉर्ड्स
इस मुकाबले में जड़े गए शानदार शतक के साथ ही हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने दिग्गजों की सूची में आगे बढ़ते हुए भारतीय महिला क्रिकेट की महान खिलाड़ी मिताली राज के एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने और भारत के लिए सबसे ज्यादा मैच जिताने वाली पारियां खेलने के मामले में हरमनप्रीत अब एक और मील का पत्थर पार कर चुकी हैं। पूर्व कप्तान मिताली राज ने अपने लंबे और शानदार करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए थे जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं माना जाता था, लेकिन हरमनप्रीत ने अपनी निरंतरता और इस धमाकेदार शतकीय पारी के दम पर उन रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए अपनी एक नई और मजबूत विरासत स्थापित कर दी है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बेहद खास है, बल्कि यह आने वाली युवा महिला क्रिकेटर्स के लिए भी प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बन गई है, जो यह सिखाती है कि कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के साथ बड़े से बड़े मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
टीम इंडिया के लिए भविष्य का संकेत और फैंस में जश्न का माहौल
हरमनप्रीत कौर का यह फॉर्म और उनका यह शानदार शतक भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिहाज से बेहद सकारात्मक संकेत है। जब टीम की एक सीनियर और अनुभवी खिलाड़ी इस तरह के धमाकेदार अंदाज में फॉर्म में लौटती है, तो पूरी टीम का आत्मविश्वास स्वतः ही सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। मैच के बाद साथी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने मैदान पर ही हरमनप्रीत को गले मिलकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी फैंस का सैलाब उमड़ पड़ा है और हर कोई उनके इस रिकॉर्ड-तोड़ शतक की चर्चा कर रहा है। ट्विटर से लेकर इंस्टाग्राम तक हर जगह हरमनप्रीत कौर का नाम ट्रेंड कर रहा है। यह साफ हो चुका है कि कप्तानी छोड़ने के बाद हरमनप्रीत के खेल में जो आजादी और निखार आया है, वह आने वाले समय में भारतीय टीम को और अधिक ऊंचाइयों पर लेकर जाएगा। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस सीरीज में उनके द्वारा खेली गई यह पारी हमेशा-हमेशा के लिए क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में अमर हो गई है।