68 की उम्र में 28 जैसी फिटनेस! नीतू कपूर ने खोला अपनी जवां त्वचा और फुर्ती का असली राज!

68 की उम्र में 28 जैसी फिटनेस! नीतू कपूर ने खोला अपनी जवां त्वचा और फुर्ती का असली राज!

उम्र महज एक आंकड़ा है, और इस बात को बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीतू कपूर 68 साल की उम्र में भी पूरी शिद्दत से साबित कर रही हैं। जहां इस उम्र में अमूमन लोग जोड़ों के दर्द से जूझते हैं या घर में आराम की जिंदगी बिताते हैं, वहीं नीतू कपूर आज भी फिल्मों की शूटिंग, ग्लैमरस पार्टियों और पारिवारिक कार्यक्रमों में पूरी ऊर्जा और खिली हुई मुस्कान के साथ नजर आती हैं। जब भी उनसे इस ढलती उम्र में ढेरों युवाओं को मात देने वाले ग्लो और फुर्ती का राज पूछा जाता है, तो उनका सीधा और सपाट जवाब होता है—संतुलित भोजन, नियमित योग और हर हाल में मन की खुशी।

नीतू कपूर की इस लंबी उम्र की खूबसूरती और फिटनेस की सबसे मजबूत नींव उनका अनुशासित डाइट चार्ट है। वे अपने दिन की शुरुआत सादे गुनगुने पानी से करती हैं। शरीर का मेटाबॉलिज्म बनाए रखने और अचानक लगने वाली भूख से बचने के लिए उन्होंने अपने खाने को हर 2-2 घंटे के छोटे अंतरालों में बांटा हुआ है। सुबह 10 बजे उनके नाश्ते में एक कटोरी पपीता, एक टोस्ट, दो अंडों की सफेदी (Egg White) और बिना चीनी वाली चाय शामिल होती है। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे छाछ लेती हैं। ठीक 2 बजे लंच में एक रोटी, दाल या लीन मीट (चिकन या मछली) के साथ सूखी हरी सब्जी खाती हैं। शाम 4 बजे बादाम और अखरोट जैसे नट्स, 6 बजे क्रीम क्रैकर, रात 8 बजे ताजी सब्जियों का जूस व एक फल और रात 10 बजे डिनर में महज एक रोटी, दाल और अंडा भुर्जी के साथ उनका दिन पूरा होता है।

खान-पान के साथ-साथ वर्कआउट को लेकर उनका अनुशासन किसी पेशेवर एथलीट से कम नहीं है। नीतू कपूर अपने फिटनेस शेड्यूल में योग, पिलेट्स, टीआरएक्स (TRX) सस्पेंशन ट्रेनिंग और केटलबेल स्विंग्स को बारी-बारी से शामिल करती हैं। उनके फिटनेस ट्रेनर उन्हें वेरिएबल इंटेंसिटी वर्कआउट कराते हैं, जिससे बढ़ती उम्र में भी उनकी मांसपेशियां लचीली और मजबूत बनी रहें। इसके अलावा वे रोजाना कम से कम 10,000 कदम चलने का अपना लक्ष्य कभी नहीं छोड़तीं, चाहे इसके लिए उन्हें बाहर वॉक करनी पड़े या घर में ट्रेडमिल का सहारा लेना पड़े।

शारीरिक मेहनत के अलावा वे अपनी मानसिक सेहत को सबसे बड़ा टॉनिक मानती हैं। नीतू कपूर का साफ मानना है कि तनाव सीधे चेहरे की चमक और शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए वे किसी भी बात की गैर-जरूरी चिंता अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देतीं। उनका जीवन दर्शन है कि दुनिया की हर समस्या का समाधान मौजूद है, तो फिर बेवजह तनाव लेकर अपनी सेहत और खूबसूरती क्यों बिगाड़ी जाए। इसके साथ ही वे निरंतरता (कंसिस्टेंसी) को सफलता की असली कुंजी बताती हैं। उनका कहना है कि एक या दो दिन मेहनत करके फिटनेस हासिल नहीं की जा सकती, बल्कि लंबी और स्वस्थ जिंदगी जीने के लिए हर दिन खुद को समय देना बेहद जरूरी है।