Mehmood Death Anniversary: जब मीना कुमारी के घर कॉमेडी किंग महमूद को मिला अपना सच्चा प्यार, तंगहाली के दिनों में ऐसे रचाई थी शादी
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी कॉमेडी का जिक्र होता है, सबसे पहला नाम 'कॉमेडी किंग' महमूद (Mehmood) का आता है। अपनी अनूठी कॉमिक टाइमिंग, अनोखे अंदाज और बेमिसाल अभिनय से दर्शकों को हंसाने वाले महमूद की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। लेकिन करोड़ों चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाले महमूद की असल जिंदगी संघर्षों, उतार-चढ़ाव और एक बेहद दिलचस्प लव स्टोरी से भरी हुई थी। बहुत कम लोग जानते हैं कि जब महमूद फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए दर-दर भटक रहे थे, तब उन्हें बॉलीवुड की 'ट्रेजेडी क्वीन' मीना कुमारी के घर पर अपनी जिंदगी का सच्चा प्यार मिला था।
मीना कुमारी के घर पहली मुलाकात: जब बहन मधु पर हारा दिल
यह उस दौर की बात है जब महमूद फिल्मों में छोटे-मोटे रोल पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे और उनके पास पैसों की भारी तंगी थी। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए महमूद ने मशहूर अदाकारा मीना कुमारी की छोटी बहन मधु को टेबल टेनिस सिखाने की नौकरी कर ली। इसी दौरान मीना कुमारी के घर पर महमूद और मधु के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। मधु, महमूद के मजाकिया स्वभाव और उनके सीधे-साधे अंदाज पर अपना दिल हार बैठीं। महमूद को भी मधु से बेपनाह मोहब्बत हो गई थी, लेकिन स्ट्रगल के उन दिनों में एक बड़ी स्टार की बहन से शादी करना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था।
तंगहाली में रचाई शादी: जब जेब में नहीं थे पैसे
महमूद और मधु का प्यार जब परवान चढ़ा, तो दोनों ने समाज और परिवार की परवाह किए बिना शादी करने का फैसला कर लिया। साल 1953 में बेहद सादगी के साथ दोनों ने निकाह कर लिया। शादी के शुरुआती दिन दोनों के लिए बेहद तंगहाली में गुजरे। महमूद के पास उस वक्त इतने पैसे भी नहीं होते थे कि वे अपनी पत्नी को एक आरामदायक जिंदगी दे सकें। यहां तक कि कई बार उन्हें घर चलाने के लिए ड्राइविंग और छोटे-मोटे काम भी करने पड़े। लेकिन मधु ने हर मुश्किल वक्त में महमूद का साथ निभाया, जिसने महमूद को लाइफ में आगे बढ़ने का हौसला दिया।
संघर्ष से सफलता का सफर: ऐसे बने बॉलीवुड के शहंशाह
शादी के बाद महमूद की किस्मत ने ऐसी करवट बदली कि वे कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते चले गए। फिल्म 'परवरिश' और 'छोटी बहन' से उन्हें बड़ी पहचान मिली, और फिर 'पड़ोसन', 'बॉम्बे टू गोवा' जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम के शिखर पर पहुंचा दिया। एक दौर ऐसा भी आया जब महमूद को फिल्मों के मेन हीरो से भी ज्यादा फीस दी जाती थी और डायरेक्टर्स उनके नाम पर फिल्में साइन करते थे। मीना कुमारी के घर से शुरू हुई वो प्रेम कहानी और तंगहाली के दिनों का वो संघर्ष ही था, जिसने एक साधारण लड़के को भारतीय सिनेमा का अमर 'कॉमेडी किंग' बना दिया।