नाना पाटेकर का पुणे में 27 एकड़ का विशाल फार्महाउस: यहीं होगी अंतिम इच्छा पूरी

नाना पाटेकर का पुणे में 27 एकड़ का विशाल फार्महाउस: यहीं होगी अंतिम इच्छा पूरी

भारतीय सिनेमा जगत, बॉलीवुड के सबसे दिग्गज, बेबाक और अपनी दमदार अदायगी के लिए दुनिया भर में पूजे जाने वाले अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी सादगी, सामाजिक कार्यों और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। नाना पाटेकर के बारे में एक ऐसी बेहद दिलचस्प और हैरान कर देने वाली जानकारी सामने आई है, जिसने उनके चाहने वालों का दिल एक बार फिर जीत लिया है। जहां आज के दौर के बड़े-बड़े सितारे करोड़ों और अरबों रुपए के आलीशान महलों, फाइव-स्टार विला और चमक-धमक वाली जिंदगी जीने के शौकीन हैं, वहीं दूसरी तरफ नाना पाटेकर आज भी मुंबई के एक बेहद साधारण और छोटे से 1BHK फ्लैट में अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। इसके विपरीत, महाराष्ट्र के पुणे में उनका एक बेहद खूबसूरत, हरा-भरा और लगभग 27 एकड़ में फैला हुआ विशाल फार्महाउस (Farmhouse) मौजूद है, जहां वे खेती-किसानी करते हैं और अपने जीवन के शांतिपूर्ण पल बिताते हैं। इतना ही नहीं, नाना पाटेकर ने अपनी जिंदगी को लेकर यह भी साफ कर रखा है कि दुनिया से जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार (Cremation) भी इसी 27 एकड़ के फार्महाउस की जमीन पर किया जाए। आइए विस्तार से जानते हैं नाना पाटेकर की इस सादगी भरी जीवनशैली, उनके पुणे वाले फार्महाउस और उनके इस अनोखे फैसले के पीछे की पूरी कहानी के बारे में।

मुंबई के उस साधारण 1BHK फ्लैट की कहानी: जहां चकाचौंध से दूर बेहद आम इंसान की तरह रहते हैं नाना पाटेकर

बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद एक्टर्स आमतौर पर जुहू, बांद्रा या पाली हिल जैसे पॉश इलाकों में आलीशान बंगले और पेंटहाउस खरीदते हैं, लेकिन नाना पाटेकर इन सबसे बिल्कुल अलग मिट्टी से जुड़े इंसान हैं। आज भी वे मुंबई के अंधेरी या दादर के आसपास एक बेहद सामान्य और छोटे से 1BHK फ्लैट में रहते हैं, जहां उनके घर का सामान भी बहुत ही साधारण और जरूरत भर का है। उनके इस घर में न तो कोई फिल्मी चकाचौंध है और न ही महंगे इंटीरियर का दिखावा। नाना पाटेकर का यह मानना है कि इंसान को जीने के लिए बहुत ज्यादा भौतिक सुख-सुविधाओं की जरूरत नहीं होती, बल्कि सादगी ही असली सुकून है। वे अक्सर अपनी शूटिंग पूरी करने के बाद सीधे अपने इस छोटे से घर लौट आते हैं या फिर महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों और अपने खेतों में समय बिताने चले जाते हैं। उनकी यह सादगी आज की नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक मिसाल बन चुकी है।

पुणे में 27 एकड़ का हरा-भरा फार्महाउस: जहां खुद ट्रैक्टर चलाते हैं नाना और करते हैं खेतों में मेहनत

मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, महाराष्ट्र के पुणे के पास नाना पाटेकर का यह 27 एकड़ का विशाल फार्महाउस किसी जन्नत से कम नहीं है। इस बड़े फार्महाउस में विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधे, जैविक खेती (Organic Farming) के खेत और प्रकृति का बेहद शांत माहौल देखने को मिलता है। जब भी नाना पाटेकर को फिल्मों की शूटिंग से फुर्सत मिलती है, वे सीधे इस फार्महाउस पर पहुंच जाते हैं और वहां किसानों की तरह जमीन पर काम करते हैं। वे खुद ट्रैक्टर चलाना, खेतों में बीज बोना और फसलों की देखभाल करना बेहद पसंद करते हैं। इसके अलावा, उनका एक आशियाना गोवा में भी है जहाँ वे समंदर के किनारे शांत माहौल में वक्त बिताना पसंद करते हैं। किसानों के अधिकारों और सूखे से जूझ रहे इलाकों के लिए 'नाम फाउंडेशन' (Naam Foundation) के जरिए मदद पहुंचाने वाले नाना पाटेकर जमीन से जुड़े इस जुड़ाव को अपनी असली पूंजी मानते हैं।

"मेरा अंतिम संस्कार इसी फार्महाउस पर हो": नाना पाटेकर का वह भावुक फैसला जो कर देगा आपको हैरान

नाना पाटेकर ने अपने जीवन और मृत्यु को लेकर बेहद स्पष्ट और जमीन से जुड़े विचार रखे हैं। मीडिया इंटरव्यू और अनौपचारिक बातचीत के दौरान उन्होंने कई बार यह इच्छा जाहिर की है कि उन्हें मुंबई की चकाचौंध या किसी आधुनिक श्मशान घाट के दिखावे से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने अपने करीबियों और परिवार को यह बता रखा है कि जब इस दुनिया से उनकी विदाई का वक्त आए, तो उनका अंतिम संस्कार किसी वीवीआईपी तरीके से नहीं, बल्कि उनके इसी 27 एकड़ के पुणे वाले फार्महाउस की मिट्टी में किया जाए, जिससे वे अपनी आखिरी सांस तक जुड़े रहे हैं। उनकी यह सोच इस बात का प्रमाण है कि एक महान कलाकार होने के साथ-साथ वे प्रकृति और अपनी माटी से कितना गहरा प्रेम करते हैं। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस दिग्गज अभिनेता की यह सादगी और बेबाकी ही उन्हें बॉलीवुड का 'असली हीरो' बनाती है।