नसीरुद्दीन शाह ने किया पछतावा, बोले- 'बेटी के लिए कुछ महसूस नहीं होता था, मैं बुरा पति और गैर-जिम्मेदार पिता था'

नसीरुद्दीन शाह ने किया पछतावा, बोले- 'बेटी के लिए कुछ महसूस नहीं होता था, मैं बुरा पति और गैर-जिम्मेदार पिता था'

भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन और दिग्गज अभिनेताओं में शुमार नसीरुद्दीन शाह अपनी बेबाक अदाकारी के साथ-साथ अपने निजी जीवन पर खुलकर बात करने के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने अतीत के कुछ ऐसे पन्नों को खोला है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। नसीरुद्दीन शाह ने अपनी पहली शादी, अपनी बड़ी बेटी हीबा शाह और खुद के एक पिता व पति के रूप में असफल होने को लेकर बड़ा और झकझोर देने वाला कबूलनामा किया है। उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि वे एक बेहद बुरे पति और एक गैर-जिम्मेदार पिता साबित हुए थे।

19-20 साल की उम्र में की थी पहली शादी, फिर पैदा हुआ दूरियां

नसीरुद्दीन शाह ने अपनी शुरुआती जिंदगी के उस दौर को याद किया जब वह महज 19 या 20 साल के थे। उन्होंने खुद से करीब 15 साल बड़ी परवीन मुराद (मनारा सीकरी) से शादी की थी, जो मशहूर अभिनेत्री सुरेखा सीकरी की बहन थीं। नसीर साहब ने बताया कि वह शादी बहुत जल्दबाजी में और अपरिपक्वता के साथ ली गई एक बड़ी जिम्मेदारी थी। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच वैचारिक मतभेद शुरू हो गए और दूरियां इतनी बढ़ गईं कि परवीन अपनी नवजात बेटी हीबा को लेकर ईरान चली गईं।

'बेटी के पैदा होने पर मुझे कोई खुशी या जुड़ाव महसूस नहीं हुआ'

अभिनेता ने इंटरव्यू में बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा, "जब मेरी बेटी हीबा का जन्म हुआ, तो मुझे उसके प्रति कोई लगाव या भावनाएं महसूस नहीं हुईं। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि मैं एक पिता के रूप में कैसा महसूस करूं। मैं अपनी ही दुनिया में व्यस्त था और एक्टिंग सीखने के जुनून में डूबा हुआ था।" उन्होंने यह भी माना कि जब उनकी पत्नी परवीन बेटी को लेकर उनसे दूर चली गईं, तब भी उन्होंने अपनी बेटी को वापस पाने या उसकी परवरिश की जिम्मेदारी उठाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए, जिसका मलाल उन्हें आज भी है।

12 साल बाद जब अचानक सामने आई बेटी, तब बदला जीवन

नसीरुद्दीन शाह और हीबा के बीच का यह सन्नाटा करीब 12 साल तक खिंचा रहा। जब हीबा 12 साल की हुईं, तब वह अचानक अपनी मां को छोड़कर भारत अपने पिता के पास वापस आ गईं। नसीर ने बताया, "उस वक्त मैं रत्ना पाठक के साथ रह रहा था। रत्ना ने हीबा को जिस तरह अपनाया और संभाला, उसने हमारे बिखरते रिश्तों को एक नई जिंदगी दी।" हीबा के वापस आने के बाद नसीरुद्दीन शाह ने धीरे-धीरे एक पिता की जिम्मेदारी को समझा और उनके बीच एक खूबसूरत रिश्ता कायम हो सका, जो आज भी बेहद मजबूत है।

खुद को माना एक असफल पति और लापरवाह इंसान

अपने अतीत की गलतियों को स्वीकार करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि एक इंसान के तौर पर उस वक्त वे बेहद स्वार्थी थे। उन्होंने कहा, "मैं उस समय एक बुरा पति था और निश्चित रूप से एक बहुत ही गैर-जिम्मेदार पिता था। मैं सिर्फ अपनी करियर और खुद के बारे में सोचता था।" हालांकि, उम्र के इस पड़ाव पर आकर अपनी इन कमियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने और उस पर पछतावा जताने के उनके इस बेबाक अंदाज की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोग उनकी इस ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं कि उन्होंने अपनी इमेज की परवाह किए बिना सच को स्वीकार किया।

 

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