पहाड़ी पर बिखरे मिले महिला के जिस्म के टुकड़े-टुकड़े! दिमाग की नसें हिला देगी अमेजन प्राइम की यह साइको-थ्रिलर फिल्म, क्लाइमैक्स देख रह जाएंगे दंग
अगर आप डार्क, सस्पेंस, रियलिस्टिक और दिमाग को पूरी तरह से झकझोर देने वाली फिल्मों के शौकीन हैं, तो ओटीटी की दुनिया में आपके लिए एक बेहद खौफनाक और मास्टरपीस फिल्म मौजूद है। अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही एक साउथ की साइको-थ्रिलर फिल्म इन दिनों सोशल मीडिया और सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रही है। हालांकि यह फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई थी, लेकिन इसका सस्पेंस और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी आज भी इतनी दमदार है कि लोग एक-दूसरे को इसे देखने की सलाह दे रहे हैं। 7.3 की शानदार आईएमडीबी (IMDb) रेटिंग वाली इस फिल्म का क्लाइमैक्स ऐसा है जो खत्म होने के बाद भी कई दिनों तक आपके दिमाग से नहीं निकलेगा।
क्या है इस अनोखी और रहस्यमयी फिल्म का नाम?
इस बेहतरीन साइको-थ्रिलर फिल्म का नाम है 'इला वीझा पूंचिरा' (Ela Veezha Poonchira)। इस दिलचस्प नाम का एक बहुत ही गहरा मतलब है। इसका अर्थ होता है ‘एक ऐसा तालाब या जगह जहां पेड़ के पत्ते नहीं गिरते’, क्योंकि इस बेहद ऊंचाई पर कोई पेड़ हैं ही नहीं, बल्कि दूर-दूर तक सिर्फ खूबसूरत और सुनसान घास के मैदान हैं। इस पूरी फिल्म की शूटिंग केरल के कोट्टायम जिले के पास स्थित एक बेहद खूबसूरत लेकिन रहस्यमयी हिल स्टेशन पर की गई है, जो फिल्म के डार्क सस्पेंस को और ज्यादा बढ़ा देता है।
इस फिल्म के निर्देशन की कमान शाही कबीर ने संभाली है। शाही कबीर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी रियलिस्टिक और बेहतरीन स्क्रिप्टिंग के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले वे ‘जोसेफ’ और ‘नायट्टू’ जैसी सुपरहिट और समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों की कहानियां लिख चुके हैं, जिसने दर्शकों को खूब प्रभावित किया था।
साउथ के इन दिग्गज कलाकारों ने फूकी है जान, अभिनय देख कांप उठेगी रूह
फिल्म की स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें मुख्य भूमिका में सौबिन शाहिर नजर आ रहे हैं, जिन्होंने 'मधु' नाम के एक पुलिस वाले का किरदार निभाया है। सौबिन शाहिर का लाजवाब और ठहराव भरा अभिनय इस पूरी फिल्म की असली जान है। उनके साथ सुधी कोप्पा ने दूसरे पुलिस ऑफिसर की भूमिका को बेहद संजीदगी से पर्दे पर उतारा है। वहीं, साउथ सिनेमा के मशहूर निर्देशक और अभिनेता जूड एंथनी जोसेफ इस फिल्म में 'प्रभु' नाम के एक बेहद अहम और सस्पेंसिव किरदार में दिखाई दे रहे हैं। इन तीनों कलाकारों की जुगलबंदी ने स्क्रीन पर एक अजीब सा तनाव पैदा किया है, जो दर्शकों को बांधकर रखता है।
पहाड़ी पर महिला के अंगों का मिलना और खराब मौसम, रोंगटे खड़े कर देगी कहानी
इस फिल्म की कहानी दो पुलिस अधिकारियों, मधु और सुधी के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इन दोनों की ड्यूटी एक बेहद ऊंचाई पर बने छोटे और सुनसान वायरलेस पुलिस स्टेशन में लगी है, जहां का संपर्क दुनिया से लगभग कटा रहता है। कहानी में एक बेहद खौफनाक मोड़ तब आता है जब इस वायरलेस स्टेशन पर खबर मिलती है कि किसी बेरहम कातिल ने एक महिला की हत्या करके उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए हैं और उन टुकड़ों को उस पूरी पहाड़ी पर अलग-अलग सुनसान जगहों पर फेंक दिया है।
इसके बाद इस बेहद विरान और डरावने इलाके में पुलिस की तफ्तीश शुरू होती है। जैसे-जैसे पुलिस कत्ल के सुराग ढूंढने की कोशिश करती है, पहाड़ी पर मौसम और ज्यादा खराब, धुंधला और डरावना होता चला जाता है। इस खराब मौसम के बीच कई ऐसे चौंकाने वाले राज सामने आते हैं, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
शुरुआत में धीमी लेकिन आखिरी के 20 मिनट उड़ा देंगे होश, जानें कहां देखें
'इला वीझा पूंचिरा' फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका स्क्रीनप्ले है। शुरुआत में जब दर्शकों को उस पहाड़ के शांत माहौल और वहां तैनात पुलिसवालों की उबाऊ रोजमर्रा की जिंदगी से रूबरू कराया जाता है, तब फिल्म थोड़ी धीमी लग सकती है। लेकिन सेकेंड हाफ की शुरुआत होते ही कहानी अचानक बुलेट ट्रेन की रफ्तार पकड़ लेती है।
फिल्म के आखिरी के 20 मिनट इस पूरी कहानी का मास्टरस्ट्रोक हैं। जब अतीत और वर्तमान की कड़ियाँ आपस में जुड़ती हैं, तो दर्शकों के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। तब जाकर समझ आता है कि जो कुछ वे शुरुआत से देख रहे थे, वो वैसा था ही नहीं जैसा दिख रहा था। यह फिल्म फिलहाल अमेजन प्राइम वीडियो पर अपनी मूल भाषा मलयालम में उपलब्ध है, जिसे आप बेहतरीन अंग्रेजी सबटाइटल्स के साथ देखकर इस बेहतरीन साइको-थ्रिलर का लुत्फ उठा सकते हैं।