छात्रों के समर्थन में उतरे आर माधवन! बोले- 'पेपर लीक युवाओं के सपनों को तोड़ रहे', जंतर-मंतर पर फूटा गुस्सा

छात्रों के समर्थन में उतरे आर माधवन! बोले- 'पेपर लीक युवाओं के सपनों को तोड़ रहे', जंतर-मंतर पर फूटा गुस्सा

देश में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर देश भर से आए छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इंसाफ की इस लड़ाई में अब बॉलीवुड के मशहूर और दिग्गज अभिनेता आर माधवन (R Madhavan) भी छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं। माधवन ने देश के शिक्षा तंत्र और परीक्षा प्रणालियों में हो रही लगातार गड़बड़ियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस पूरे आंदोलन को एक नई धार दे दी है।

युवाओं के दर्द पर बोले माधवन: 'यह सिर्फ परीक्षा नहीं, उनके भविष्य का कत्ल है'

आर माधवन, जो हमेशा से युवाओं के मुद्दों और शिक्षा पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं (विशेषकर उनकी फिल्म '3 Idiots' के बाद से), उन्होंने जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों की स्थिति पर दुख जताया। माधवन ने कहा, "दिन-रात एक करके, भूखे-प्यासे रहकर देश के लाखों युवा सालों तक एक परीक्षा की तैयारी करते हैं। लेकिन जब ऐन वक्त पर या परीक्षा के बाद पता चलता है कि पेपर लीक हो चुका है, तो यह सिर्फ एक परीक्षा का रद्द होना नहीं है, बल्कि यह उन मासूम युवाओं के सपनों और भरोसे को तोड़ना है। यह सीधे तौर पर उनके भविष्य का कत्ल करने जैसा है।"

जंतर-मंतर पर डटे छात्र: पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग

आपको बता दें कि जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्र संगठनों और आम परीक्षार्थियों का जमावड़ा लगा हुआ है। नीट (NEET), नेट (NET) और अन्य सरकारी परीक्षाओं में हुई हालिया धांधली को लेकर छात्र सड़कों पर हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें हैं कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में आमूल-चूल बदलाव किए जाएं, दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले और भविष्य में एक ऐसी फूलप्रूफ (पारदर्शी) डिजिटल व्यवस्था तैयार की जाए जिसे कोई भी हैक या लीक न कर सके। आर माधवन के इस समर्थन के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों का मनोबल काफी बढ़ गया है।

सेलिब्रिटीज का मिल रहा साथ: सिस्टम को बदलने की गुहार

माधवन ने सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से भी भावुक अपील की है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत और कठोर कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि अगर देश का युवा ही व्यवस्था से निराश हो जाएगा, तो हम एक मजबूत भारत की कल्पना नहीं कर सकते। माधवन के अलावा फिल्म इंडस्ट्री और खेल जगत की कई अन्य बड़ी हस्तियों ने भी दबे सुरों में ही सही, लेकिन छात्रों के इस दर्द को जायज ठहराया है। अब देखना यह होगा कि जंतर-मंतर से उठी यह आवाज और सेलिब्रिटीज का यह साथ सरकार को परीक्षा प्रणाली में कितना बड़ा बदलाव करने पर मजबूर करता है।

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