सोना मोहपात्रा ने दलेर मेहंदी पर ही दागे सवाल- दिल्ली में भी वो ऐसे ही थे, जिन्होंने टिकट खरीदे
भारतीय संगीत जगत में अपनी बेबाक राय और खुलकर अपनी बात रखने के लिए पहचानी जाने वाली लोकप्रिय गायिका सोना मोहपात्रा एक बार फिर से सुर्खियों के केंद्र में आ गई हैं। इस बार उन्होंने किसी और पर नहीं, बल्कि देश के जाने-माने और लोकप्रिय पंजाबी पॉप गायक दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) की कार्यशैली और उनके हालिया तौर-तरीकों पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। सोना मोहपात्रा के इन बयानों के सामने आने के बाद से ही संगीत उद्योग और सोशल मीडिया के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। मामला राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले एक बड़े संगीत कार्यक्रम और उससे जुड़ी अव्यवस्थाओं से जुड़ा बताया जा रहा है, जहाँ दर्शकों और प्रशंसकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। सोना मोहपात्रा ने दलेर मेहंदी से सीधा सवाल पूछते हुए यह तक कह दिया कि दिल्ली में हुए उस कॉन्सर्ट या इवेंट के दौरान भी उनका रवैया कुछ इसी तरह का था, और जिन आम संगीत प्रेमियों ने अपनी गाढ़ी कमाई से महंगे टिकट खरीदे थे, अंत में उनके साथ जो हुआ, उसकी जवाबदेही किसकी है? आइए विस्तार से जानते हैं कि सोना मोहपात्रा और दलेर मेहंदी के बीच छिड़े इस नए विवाद की असल वजह क्या है और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है।
दिल्ली के संगीत कार्यक्रम में मचे बवाल और प्रशंसकों की नाराजगी से जुड़ा है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले दिल्ली या उसके आसपास के इलाके में दलेर मेहंदी का एक बड़ा लाइव कॉन्सर्ट या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उनके गानों पर झूमने के लिए हजारों की संख्या में प्रशंसक पहुंचे थे। इन दर्शकों ने बाजार से अच्छी-खासी कीमत चुकाकर उस कार्यक्रम के टिकट खरीदे थे, ताकि वे अपने चहेते कलाकार को लाइव सुन सकें। लेकिन आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर कुप्रबंधन (Mismanagement), समय पर कार्यक्रम शुरू न होने और व्यवस्थाओं में भारी खामियों के चलते दर्शकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, जिससे वहां मौजूद लोग बेहद खफा हो गए। सोना मोहपात्रा ने इसी घटना का जिक्र करते हुए कड़ा ऐतराज जताया है कि जब कोई कलाकार अपने प्रशंसकों से टिकट के रूप में पैसे वसूलता है, तो उसका यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि वह उन्हें एक सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण अनुभव प्रदान करे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शो के दौरान इस प्रकार की लापरवाही बरती जाती है, तो उन आम और निष्ठावान फैंस का क्या दोष जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से टिकट खरीदे थे।
सोना मोहपात्रा का बेबाक अंदाज, हमेशा से इंडस्ट्री की कमियों पर उठाती रही हैं मुखर आवाज
सोना मोहपात्रा उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जो कभी भी इंडस्ट्री के बड़े नामों से डरकर अपनी आवाज को दबाती नहीं हैं। चाहे जेंडर डिस्क्रिमिनेशन का मुद्दा हो, लाइव कॉन्सर्ट्स में कलाकारों के नखरे हों या फिर दर्शकों के अधिकारों की रक्षा की बात हो, सोना ने हमेशा हर प्लेटफॉर्म पर बिना डरे अपनी बात रखी है। दलेर मेहंदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल अपनी लोकप्रियता के बल पर दर्शकों की भावनाओं और उनके पैसों की अनदेखी करना किसी भी बड़े कलाकार को शोभा नहीं देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में लाइव इवेंट्स का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में आयोजकों और कलाकारों दोनों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे दर्शकों के साथ पूरी पारदर्शिता और सम्मान के साथ पेश आएं। सोना के इन तीखे बयानों ने एक बार फिर से इस बात को बहस के केंद्र में ला दिया है कि क्या भारत में टिकट खरीदकर लाइव शो देखने आने वाले आम दर्शकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोई कड़े नियम होने चाहिए या नहीं।
दलेर मेहंदी की तरफ से अभी तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान, संगीत गलियारों में मचा हड़कंप
गायिका सोना मोहपात्रा द्वारा इस तरह सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे तौर पर सवाल उठाए जाने के बाद से हर किसी की निगाहें दलेर मेहंदी और उनकी प्रबंधन टीम पर टिकी हुई हैं कि वे इस मामले में क्या सफाई देते हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दलेर मेहंदी या उनकी ओर से सोना मोहपात्रा के इन आरोपों पर कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस जुबानी जंग ने एक बात तो पूरी तरह से साफ कर दी है कि कलाकारों और उनके श्रोताओं के बीच का रिश्ता केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आपसी सम्मान और वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम होती है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या दलेर मेहंदी इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हैं या फिर यह विवाद संगीत जगत की एक और बड़ी बहस बनकर शांत हो जाता है।