फिल्मों में आने से पहले ही फेमस था ये एक्टर, पान की दुकान पर लगते थे पोस्टर, गोविंदा-श्रीदेवी संग दे चुका हिट
भारतीय सिनेमा का इतिहास ऐसे कई सितारों की अनकही कहानियों से भरा पड़ा है, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और गजब के टैलेंट के दम पर सिल्वर स्क्रीन पर एकछत्र राज किया है। 90 के दशक का दौर हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम काल माना जाता है, जब कई ऐसे चेहरे बड़े पर्दे पर उभरे जिन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग, शानदार डांस और दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर हमेशा के लिए गहरी छाप छोड़ दी। आज हम एक ऐसे ही दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता की बात करने जा रहे हैं, जिनकी लोकप्रियता फिल्मों में कदम रखने से पहले ही अपने चरम पर पहुंच चुकी थी। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि जब इस कलाकार ने अभी तक फिल्मों का रुख भी नहीं किया था, तब उनके नाम के पोस्टर और तस्वारें देश के नुक्कड़ पर मौजूद पान की दुकानों और लोकल स्टोर्स पर शान से सजाए जाते थे। उनकी इस जबरदस्त लोकप्रियता के पीछे उनका एक अलग ही अंदाज और एक ऐसा माध्यम था, जिसने उन्हें रातों-रात घर-घर का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया था। जब उन्होंने आखिरकार बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में कदम रखा, तो गोविंदा और श्रीदेवी जैसे अपने दौर के सबसे बड़े और दिग्गज सुपरस्टार्स के साथ स्क्रीन साझा करते हुए एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं। आज के इस विशेष लेख में हम आपको इसी शानदार अभिनेता के शुरुआती संघर्ष, उनकी लोकप्रियता के उस दौर और फिल्मी सफर के हर एक दिलचस्प पहलू से रूबरू कराने जा रहे हैं।
विज्ञापनों और मॉडलिंग की दुनिया से चमकी थी इस सितारे की किस्मत
फिल्मी पर्दे पर एंट्री करने से पहले ही किसी कलाकार का देश भर में मशहूर हो जाना कोई आम बात नहीं है, लेकिन इस अभिनेता ने अपने अनोखे व्यक्तित्व के दम पर यह कमाल कर दिखाया था। बात उन दिनों की है जब टेलीविजन पर आने वाले विज्ञापन और प्रिंट मीडिया लोगों के दिलों पर राज किया करते थे। आज के दौर की तरह सोशल मीडिया या इंटरनेट का वह जमाना नहीं था, इसलिए लोगों के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए विज्ञापन और मैगजीन ही सबसे बड़ा जरिया हुआ करते थे। इस दिग्गज अभिनेता ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापनों और मॉडलिंग की दुनिया से की थी। उनके चेहरे का वह मासूम अंदाज, उनकी प्यारी सी मुस्कान और कैमरे के सामने उनका नेचुरल कॉन्फिडेंस लोगों को इस कदर भाया कि वे विज्ञापनों के किंग बन गए। देश के हर बड़े ब्रांड के विज्ञापन में उनका चेहरा नजर आने लगा था। हालत यह हो गई थी कि गली-मोहल्लों के नुक्कड़ पर बनी पान की दुकानों, लोकल मार्केट के बोर्ड्स और मैगजीन के कवर पेज पर उनकी तस्वीरें प्रमुखता से छापी जाती थीं। लोग उनके विज्ञापनों का इंतजार किया करते थे और यही वजह थी कि फिल्मों में आने से पहले ही देश का बच्चा-बच्चा उनके नाम और चेहरे से अच्छी तरह वाकिफ हो चुका था।
छोटे पर्दे की दुनिया से सीधे बड़े पर्दे तक का ऐतिहासिक सफर
जब किसी चेहरे की लोकप्रियता आसमान छूने लगती है, तो बॉलीवुड की नजरें उस पर पड़ना लाजिमी हो जाता है। विज्ञापनों की दुनिया में अपनी धाक जमाने के बाद इस अभिनेता के पास फिल्मों के ऑफर्स आने लगे। हालांकि, बड़े पर्दे पर अपनी जगह बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, क्योंकि मॉडलिंग या विज्ञापनों में कुछ सेकंड के लिए दिखना और ढाई घंटे की फिल्म में दर्शकों को बांधे रखना दोनों बिल्कुल अलग कलाएं हैं। लेकिन इस अभिनेता ने अपनी गजब की अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस के बल पर इस चुनौती को बेहद आसानी से स्वीकार किया। जब उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा, तो उन्हें किसी शुरुआती संघर्ष का लंबा सामना नहीं करना पड़ा, क्योंकि उनकी पब्लिक फॉलोइंग पहले से ही इतनी मजबूत थी कि दर्शकों ने उन्हें सिनेमाघरों में हाथों-हाथ लिया। उन्होंने अपनी पहली ही फिल्मों में अपने अभिनय के जौहर दिखाने शुरू कर दिए थे और यह साबित कर दिया था कि वे सिर्फ एक विज्ञापन का चेहरा नहीं हैं, बल्कि एक मंझे हुए औरVersatile अभिनेता हैं जो लंबी रेस का घोड़ा साबित होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गोविंदा और श्रीदेवी जैसे दिग्गजों के साथ स्क्रीन शेयर कर मचाया धमाल
इस अभिनेता के करियर का सबसे सुनहरा दौर तब आया जब उन्हें अपने दौर के सबसे बड़े और चोटी के कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला। 90 के दशक में बॉक्स ऑफिस पर गोविंदा की कॉमिक टाइमिंग और उनकी ऊर्जा का कोई मुकाबला नहीं था, वहीं दूसरी ओर श्रीदेवी को भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार का दर्जा हासिल था। ऐसे में जब इस अभिनेता ने गोविंदा और श्रीदेवी जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की, तो सिनेमाघरों में भूचाल आ गया। उन्होंने श्रीदेवी के साथ कुछ ऐसे बेहतरीन दृश्यों में काम किया जिन्होंने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, और गोविंदा के साथ उनकी जुगलबंदी ने तो कॉमेडी और एंटरटेनमेंट के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। इन फिल्मों में उनके अभिनय को आलोचकों और आम दर्शकों दोनों से भरपूर सराहना मिली। गोविंदा के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इतनी जबरदस्त थी कि लोग आज भी उन फिल्मों के सीन्स को याद करते हैं और उन्हें टीवी पर देखना पसंद करते हैं। इस तरह उन्होंने अपनी मेहनत और बड़े सितारों के साथ काम करते हुए खुद को बॉलीवुड के ए-लिस्ट कलाकारों की कतार में मजबूती से खड़ा कर दिया।
आज भी लोगों के दिलों पर राज करता है उस दौर का यह करिश्माई अभिनेता
वक्त का पहिया तेजी से घूमा और सिनेमा का दौर भी बदला, लेकिन इस अभिनेता द्वारा बॉलीवुड में छोड़ी गई छाप आज भी वैसी की वैसी ही ताजा है। आज भले ही वे फिल्मों में उस तरह से सक्रिय नजर नहीं आते हों या उनकी मौजूदगी कम हो गई हो, लेकिन उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। पान की दुकानों से लेकर देश के सबसे बड़े फिल्मफेयर मंच तक का उनका यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आपके अंदर असली टैलेंट है और जनता का प्यार आपके साथ है, तो आप किसी भी बैकग्राउंड के बिना शोहरत की उन बुलंदियों को छू सकते हैं जो दूसरों के लिए सिर्फ एक सपना होती हैं। आज जब भी 90 के दशक के सुनहरे दौर को याद किया जाता है, तो इस लोकप्रिय अभिनेता का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी यह प्रेरक गाथा आज के दौर के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी सीख है जो ग्लैमर की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने का सपना देखते हैं और यह सिखाती है कि सच्ची लगन और कड़ी मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती।