Up Kiran, Digital Desk: भारत और दुनिया में विवाह संस्कारों की विविधता को देखते हुए, कुछ परंपराएं और रिवाज वाकई चौंकाने वाले होते हैं। चीन के गांसू प्रांत में बसे बाओआन जातीय समूह की विवाह प्रक्रिया उन अनूठी परंपराओं का एक दिलचस्प उदाहरण है, जो न केवल स्थानीय संस्कृति को जीवित रखती हैं, बल्कि विवाह के दौरान प्रतीकात्मक रूप से पारिवारिक रिश्तों को मजबूत भी करती हैं। इस समुदाय में विवाह समारोह के दौरान एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसे जानकर अधिकांश लोग चौंक सकते हैं।
ससुर को कोड़े मारने की परंपरा
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, बाओआन समुदाय में विवाह के समय एक विचित्र परंपरा का पालन किया जाता है। इस परंपरा में दुल्हन के पिता को यह स्वीकार करना होता है कि वे अपनी बेटी को पूरी तरह से अनुशासित नहीं कर पाए। इसके बाद दूल्हे के पिता, प्रतीकात्मक रूप से 20 बार कोड़ा मारने का अभिनय करते हैं। इस रिवाज को "ससुर को कोड़े मारना" कहा जाता है। यह परंपरा न केवल तिरस्कार का प्रतीक नहीं है, बल्कि इसे विनम्रता, सम्मान और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती के रूप में देखा जाता है।
विवाह समारोह का लंबा और सांस्कृतिक महत्व
बाओआन समुदाय के विवाह समारोह में एक और दिलचस्प बात यह है कि यह तीन दिन तक चलता है। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन होता है और हर दिन कुछ खास रिवाज निभाए जाते हैं। विवाह के पहले दिन, दुल्हन के पिता को दूल्हे के घर के आंगन में बिठाया जाता है, जहां वे अपनी बेटी की परवरिश के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगते हैं। इसके बाद, दुल्हन की बहनें और अन्य रिश्तेदार दूल्हे के घर पहुंचकर मज़ाकिया ढंग से उनके चेहरे पर काली रंगत लगा देती हैं, जो शुभ संकेत और बधाई का प्रतीक मानी जाती है।
दुल्हन के खाने की परंपरा
विवाह के बाद एक और परंपरा निभाई जाती है, जिसे देखकर लोग अक्सर हैरान रह जाते हैं। जब सभी मेहमान भोज के लिए बैठे होते हैं, तो दुल्हन वहां उपस्थित नहीं होती। विवाह के बाद पहले तीन दिनों तक वह अपने माता-पिता के घर का खाना ही खाती है, न कि ससुराल का। यह परंपरा माता-पिता के प्रति सम्मान और आभार का प्रतीक मानी जाती है।
बाओआन समुदाय की सांस्कृतिक विशेषताएं
बाओआन जातीय समूह चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत में बसा हुआ है। इस समुदाय की संख्या लगभग 24,000 के आस-पास है और यह लोग मुख्य रूप से इस्लाम धर्म को मानते हैं। बाओआन भाषा बोलने वाले इस समुदाय में विवाह के चार चरण होते हैं—रिश्ता तय करना, सगाई, दुल्हन की कीमत तय करना और विवाह उत्सव। इस समुदाय की परंपराओं में एकविवाह को महत्व दिया जाता है।


_1773767506_100x75.jpg)
_1575141145_100x75.jpg)
