नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता अजय माकन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सभी खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और आयकर विभाग ने पार्टी से 210 करोड़ रुपये की मांग की है। इसका मतलब है कि लोकतंत्र के सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। एक-दो हफ्ते में चुनाव की घोषणा होनी है, ऐसे में ऐसा करना तानाशाही है।
कांग्रेस नेता अजय माकन ने शुक्रवार को कहा कि आयकर विभाग ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2018-19 के लिए आईटी रिटर्न दाखिल करने में 45 दिन की देरी के कारण हुई है। अजय माकन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि यह कांग्रेस का खाता बंद नहीं किया गया है बल्कि लोकतंत्र को बंद कर दिया गया है। जब चुनाव की घोषणा सिर्फ एक महीने दूर है, उन्होंने प्रमुख विपक्षी दल का खाता फ्रीज कर दिया है, क्या देश में एक ही पार्टी का शासन रहेगा?
कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस के चार खाते फ्रीज किये गए हैं। इन खाते को डीफ्रीज करने के लिए आयकर अपीलीय प्राधिकरण (आईटीएटी) से संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को 2018-19 के लिए अपना आईटी रिटर्न 31 दिसंबर, 2019 तक दाखिल करना था, लेकिन पार्टी ने 40-45 दिनों की देरी से रिटर्न फाइल किया था। अब आयकर विभाग ने पार्टी से 210 करोड़ रुपये की मांग की है।
सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमला करते हुए अजय माकन ने कहा कि पार्टी का सारा पैसा क्राउड फंडिंग के जरिये आया है। इसमें किसी भी तरह की हेरफेर नहीं है। अगर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को खाता सीज करना है या ब्लॉक करना है तो बीजेपी के खातों को सीज करे, हमारे खातों को क्यों?
वही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि इस तरह तो देश में कोई चुनाव नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि देश के बहुदलीय लोकतंत्र को बचाने के लिए हम सड़कों पर उतरेंगे। खड़के ने कहा कि देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के खाते सीज किया जाना लोकतंत्र पर हमला है। वहीँ बीजेपी असंवैधानिक तरीके से एकत्र किये गए धन का उओयोग चुनाव में करेगी।




