कोविड-19 आपदा से हिंदुस्तान की इकॉनमी उबरती नज़र आ रही है। वैक्सीनेशन मिशन का भी सकारात्मक असर हो रहा है। इसे देखते हुए इंटरनेशनल मुद्रा कोष (IMF) ने अनुमान जताया है कि इंडिया की GDP वर्तमान वित्त वर्ष में 9.5 और अगले वित्त वर्ष में 8.5 % की गति के साथ आगे बढ़ेगी, जो कि दुनिया में सबसे तेज रहेगी।

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट जारी करते हुए इंटरनेशनल मुद्रा कोष ने कहा है कि इस साल विश्वभर की इकॉनमी का ग्रोथ 5.9 और आगामी वर्ष ये 4.9 प्रतिशत रहेगा। वहीं, इसके अलग इंडिया की इकॉनमी कहीं अधिक तेजी के साथ बढ़ेगी। जुलाई में कोरोना का हवाला देते हुए वैश्विक एजेंसी ने इंडिया की GDP ग्रोथ का अनुमान बीते 12.5 % से घटाकर 9.5 % कर दिया था।
इसको लेकर इंटरनेशनल मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने हिंदुस्तान की कोशिशों की तारीफ की है। उन्होंने अर्थव्यवस्था में आए उछाल को कोरोना टीकाकरण से जोड़ते हुए कहा है कि भारत में कोरोना टीकाकरण बहुत तेजी से हुआ है, जिससे अर्थव्यवस्था को रिकवर करने में सहायता मिली है।
इंटरनेशनल मुद्रा कोष के मुताबिक इस साल अमेरिकी इकॉनमी 6 % की रफ़्तार से आगे बढ़ रही है, जो कि अगले 5.2 % रह सकती है। वर्तमान वित्त वर्ष में 8 % की रफ़्तार से आगे बढ़ रही चीनी इकॉनमी 2022 में घटकर 5.6 % पर रह सकती है।
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