Hard Times: जब देर रात ट्रेन में ही कैद हो गए यात्री, फर्श और सिंक में ही टायलेट करने को हुए मजबूर

बीच रास्ते में एक ट्रेन की बिजली चली गई जिसकी वजह से वह ट्रेन वहीं रुक गई। पूरी ट्रेन में अंधेरा छा गया। ट्रेन घंटों तक एक ही जगह पर खड़ी रही...

बीच रास्ते में एक ट्रेन की बिजली चली गई जिसकी वजह से वह ट्रेन वहीं रुक गई। पूरी ट्रेन में अंधेरा छा गया। ट्रेन घंटों तक एक ही जगह पर खड़ी रही। एक पैसेंजर ने बताया कि हालत इतने बुरे थे कि इस दौरान लोग ट्रेन की फर्श पर ही टॉयलेट करने को मजबूर हो गए क्योंकि टॉयलेट भी काम नहीं कर रहा था और वह ओवर फ्लो हो गया था। यात्री का कहना है कि ट्रेन की स्थिति को लेकर किसी भी तरह का कोई भी अनाउंसमेंट नहीं किया जा रहा था। यह मामला ब्रिटेन का है।

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एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते 7 मई को एक ट्रेन लिवरपूल शहर से मैनचेस्टर पिकाडिली होते हुए विल्म्सलो को जा रही थी तभी रास्ते में ब्रेकडाउन हो गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि एक यात्री ने एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कहा- रात के 10.15 बजे के आसपासट्रेन अचानक रुक गई। ऐसा लगा जैसे पावर कट हुआ हो, सब कुछ बंद हो गया। पावर कट होने और ट्रेन रुकने से ट्रेन में हंगामा मच गया।

यात्री ने बताया कि पैसेंजर्स को ट्रेन के रुकने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी और जब तक ट्रेन रुकी रही तब तक कोई अनाउंसमेंट भी नहीं किया गया। उसक दावा है कि सभी यात्री लगभग 2 घंटे 30 मिनट तक अंधेरे में ही ट्रेन में बैठे रहे। अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर शख्स ने बताया कि ट्रेन में मौजूद महिलाएं टॉयलेट यूज नहीं कर पा रही थीं। पुरुष फ्लोर और सिंक पर ही पेशाब कर रहे थे।

पैसेंजर्स को इस बात की जानकारी भी नहीं दी जा रही थी कि आखिर वह कब तक ऐसे ही फंसे रहेंगे। ट्रेन में सिर्फ एक ही स्टाफ मौजूद थी, वह ट्रेन के रुकने के 1 घंटे बाद यात्रियों के पास आई और सिर्फ इतना ही कहा कि दूसरी तरफ से कोई अपडेट नहीं आ रहा है। एक यात्री ने आगे बताया कि लगभग आधी रात को हमें यह बताया गया कि एक ट्रेन हम लोगों को यहां ले जाने के लिए आ रही है इसलिए हम सभी को यह ट्रेन खाली करनी है। उसने बताया कि ये जानकारी भी हमें किसी पैसेंजर के माध्यम से मिली।

अधिकारियों ने मांगी माफी

यात्री ने बताया कि हम लोग सीढ़ी के जरिए ट्रेन से बाहर आए और दूसरी ट्रेन में बैठे। वह ट्रेन भी वहां से करीब 30 मिनट बाद निकली। इस ट्रेन ने हमें हमारे डेस्टिनेशन तक नहीं पहुंचाया, उसने हमें मैंचेस्टर विक्टोरिया स्टेशन पर ही छोड़ दिया। वहां हम लोग देर रात 1.27 बजे अपने डेस्टिनेशन पर पहुंचे। इसके बाद हम लोगों ने टैक्सी से अपना सफर पूरा किया। रेलवे सर्विस के अधिकारियों ने इस घटना को लेकर बाद में माफी मांगी। उन्होंने कहा कि ओवरहेड पावर सप्लाई में गड़बड़ी की वजह से ट्रेन की बिजली चली गई थी और रिमोर्ट लोकेशन की वजह से बिजली दोबारा से बहाल नहीं हो पाई।