Mango In Diabetes: शुगर के मरीजों के लिए 'जहर' नहीं है आम, एक्सपर्ट से जानिए ब्लड शुगर बढ़ाए बिना आम खाने का बिल्कुल सही और जादुई तरीका
गर्मियों का मौसम दस्तक देते ही हर तरफ फलों के राजा 'आम' की खुशबू महकने लगती है। दोपहर के खाने के साथ रसीले आम के टुकड़े हों या रात के वक्त फ्रिज में रखा ठंडा-ठंडा आम, इसका स्वाद हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ले आता है। लेकिन जैसे ही आम का सीजन आता है, मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित करोड़ों लोगों के मन में एक बड़ा डर और सवाल खड़ा हो जाता है कि क्या आम खाना उनके लिए सुरक्षित है? क्या आम खाते ही उनका ब्लड शुगर लेवल अचानक आसमान छूने लगेगा? आम को लेकर समाज में जितना खौफ और अफवाहें फैलाई जाती हैं, हकीकत उससे कोसों दूर और बेहद संतुलित है। डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अब यह साफ कर दिया है कि शुगर के मरीज भी आम का लुत्फ उठा सकते हैं, बशर्ते उन्हें इसे खाने का सही सलीका मालूम हो।
मिठास के पीछे छिपा है फाइबर का खजाना, जानिए क्यों नुकसानदेह नहीं है पका आम
आम अपनी प्राकृतिक मिठास के लिए जाना जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान कहता है कि सिर्फ किसी फल का मीठा होना ही उसे सेहत के लिए खराब नहीं बना देता। पके हुए रसीले आम में सिर्फ नेचुरल शुगर ही नहीं होती, बल्कि यह फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। आम में मौजूद फाइबर हमारे पाचन तंत्र की गति को धीमा कर देता है। इसका फायदा यह होता है कि आम खाने के बाद शरीर में ग्लूकोज का रिहाई धीरे-धीरे होती है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक से कोई खतरनाक उछाल नहीं आता, जैसा कि कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाई या पैकेट बंद जूस पीने से होता है। डॉक्टरों के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट का शरीर पर असर इस बात से तय होता है कि उसमें फाइबर की मात्रा कितनी है।
डायबिटीज के मरीज आम खाते समय कभी न करें ये 3 बड़ी गलतियां
आम खाना तो सुरक्षित है, लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब इसके सेवन में घोर लापरवाही बरती जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. ऐश्वर्या कृष्णमूर्ति के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को आम से पूरी तरह तौबा करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें कुछ आदतों को तुरंत बदलना होगा। सबसे बड़ी गलती है खाली पेट आम का जूस (मैंगो शेक) पीना या फिर आम को मीठे डेजर्ट के रूप में खाना। जब आप आम का जूस निकाल देते हैं, तो उसका सारा फाइबर खत्म हो जाता है और वह सीधे आपके खून में शुगर के स्तर को बढ़ा देता है। इसके अलावा, भारी मात्रा में एक साथ कई आम खा जाना भी सेहत बिगाड़ सकता है।
प्रोटीन और हेल्दी फैट के साथ खाएं आम, नोट कर लें एक्सपर्ट का बेस्ट फॉमूर्ला
अगर आप बिना किसी डर के आम का स्वाद लेना चाहते हैं, तो डॉ. कृष्णमूर्ति की इस खास सलाह को अपनी डाइट में शामिल करें। जब भी आप आम खाएं, तो उसके छोटे-छोटे टुकड़ों (क्यूब्स) को अकेले खाने के बजाय प्रोटीन या हेल्दी फैट से भरपूर चीजों के साथ मिलाकर खाएं। उदाहरण के लिए, आम के टुकड़ों के साथ 4-5 बादाम, कद्दू या सूरजमुखी के बीज, ग्रीक योगर्ट (दही) या फिर पनीर के टुकड़े लें। यह कॉम्बिनेशन पेट में जाकर पाचन क्रिया को बेहद धीमा कर देता है, जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल पूरी तरह स्थिर बना रहता है।
देर रात आम खाने से बचें, जानिए क्या है आम खाने का सबसे सही समय
आम खाने की मात्रा के साथ-साथ उसे खाने का समय भी बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सपर्ट्स की मानें तो शुगर के मरीजों के लिए दिन का समय आम खाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। दिन के वक्त हमारा शरीर शारीरिक रूप से ज्यादा एक्टिव रहता है, जिससे हमारा मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर में इंसुलिन बेहतर तरीके से काम करता है। इसके विपरीत, देर रात को आम खाने से बचना चाहिए, क्योंकि रात में एक्टिविटी कम होने के कारण ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा कम मात्रा में, दिन के समय और पूरे चबाकर ही आम का आनंद लें।