Periods Cramps Relief: पीरियड्स के दर्द से तुरंत राहत दिलाएगा चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी का यह अनोखा कॉम्बो, मूड भी हो जाएगा हैप्पी-हैप्पी!
हर महीने पीरियड्स के वो 4 से 5 दिन किसी भी महिला या लड़की के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होते हैं। पेट में असहनीय दर्द, कमर में खिंचाव, पैरों का टूटना, चिड़चिड़ाहट और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं पूरी दिनचर्या को अस्त-व्यस्त कर देती हैं। इस दौरान शरीर में कमजोरी और थकान होना भी आम बात है। कई महिलाएं दर्द से निजात पाने के लिए पेनकिलर्स (दवाइयों) का सहारा लेती हैं, जो सेहत के लिए लंबे समय में ठीक नहीं हैं। लेकिन क्या आप जानती हैं कि आपकी रसोई में ही एक ऐसा स्वादिष्ट इलाज छिपा है, जो न सिर्फ आपकी मीठे की क्रेविंग (Sweet Cravings) को शांत करेगा, बल्कि पीरियड के दर्द से भी राहत दिलाएगा? जी हां, हम बात कर रहे हैं डार्क चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी के जादुई कॉम्बो की। आइए जानते हैं कि यह स्वादिष्ट जुगलबंदी पीरियड्स में कैसे काम करती है।
पीरियड्स में मीठे की क्रेविंग का क्या है असली सच?
अक्सर पीरियड्स शुरू होने से पहले या उसके दौरान महिलाओं का मन मीठा या तीखा खाने का बहुत ज्यादा करता है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक सामान्य इच्छा या मन का मचलना समझ लेते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस की मानें तो ऐसा नहीं है। इस दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे एनर्जी लेवल डाउन हो जाता है। ऐसे में हमारा शरीर खुद उन चीजों की मांग करता है, जो उसे तुरंत ग्लूकोज और आराम पहुंचा सकें। डार्क चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी का कॉम्बिनेशन इसी मांग को पूरा करने का सबसे हेल्दी और टेस्टी तरीका है। यह न सिर्फ आपके स्वाद को बदलता है, बल्कि शरीर को अंदर से रिलैक्स भी करता है।
मांसपेशियों का दर्द दूर भगाती है डार्क चॉकलेट
अगर आप पीरियड्स के दर्द से परेशान हैं, तो मिल्क चॉकलेट की बजाय डार्क चॉकलेट को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। दरअसल, डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम और फ्लेवोनॉल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। पीरियड्स के दौरान गर्भाशय (Uterus) की मांसपेशियों में लगातार सिकुड़न होती है, जिसकी वजह से पेट और कमर में तेज क्रैम्प्स महसूस होते हैं। डार्क चॉकलेट में मौजूद मैग्नीशियम इन सिकुड़ी हुई मांसपेशियों को आराम देने (Muscle Relaxant) का काम करता है। इसके अलावा, चॉकलेट खाने से शरीर में 'फील गुड' हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो तनाव को कम करके आपके बिगड़े हुए मूड को चुटकियों में ठीक कर सकते हैं।
सूजन और कमजोरी को मात देती है खट्टी-मीठी स्ट्रॉबेरी
चॉकलेट के साथ जब स्ट्रॉबेरी का तड़का लगता है, तो इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। स्ट्रॉबेरी विटामिन C और पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार है। पीरियड्स के दौरान शरीर में आने वाली अंदरूनी सूजन को कम करने और ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) को बेहतर बनाने में स्ट्रॉबेरी बहुत मददगार साबित होती है। पीरियड्स में होने वाली सुस्ती, कमजोरी और थकान को दूर कर यह शरीर को तुरंत इंस्टेंट एनर्जी और ताजगी देती है। इसका हल्का खट्टा और मीठा स्वाद मतली (Nausea) जैसी समस्या को भी कंट्रोल करता है।
पीरियड्स डाइट में इस तरह शामिल करें यह हेल्दी कॉम्बो
इस कॉम्बो का पूरा फायदा उठाने के लिए आपको इसे सही तरीके से खाना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप कुछ आसान तरीके अपना सकती हैं:
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चॉकलेट डिप्ड स्ट्रॉबेरी: डार्क चॉकलेट को पिघला लें और उसमें ताजी स्ट्रॉबेरी को डुबोकर (Dip करके) थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें। जब चॉकलेट सेट हो जाए, तो इसे मजे से खाएं।
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हेल्दी स्मूदी: आप चाहें तो बिना चीनी के स्ट्रॉबेरी और डार्क चॉकलेट पाउडर को दूध या बादाम शेक के साथ मिलाकर एक शानदार स्मूदी तैयार कर सकती हैं।
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ध्यान रखने योग्य बात: हमेशा ऐसी डार्क चॉकलेट चुनें जिसमें कोको (Cocoa) की मात्रा 70% या उससे अधिक हो। ज्यादा चीनी वाली मिल्क चॉकलेट खाने से बचें, क्योंकि वह दर्द और गैस की समस्या को बढ़ा सकती है।