डाइटिंग और व्रत के बावजूद वजन कम न होने की समस्या
आज के दौर में फिट और स्लिम दिखना हर किसी की चाहत बन चुका है, और वजन घटाने के लिए लोग सबसे पहले खाना छोड़ना या अत्यधिक भूखा रहना शुरू कर देते हैं। जिम में घंटों पसीना बहाने और दिनभर भूखे रहने के बाद जब वजन कांटे पर जस का तस या बढ़ा हुआ दिखाई देता है, तो निराशा होना स्वाभाविक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों, आहार विशेषज्ञों (Dietitians) और फिटनेस कोच का कहना है कि वजन कम करने का मतलब सिर्फ भूखा रहना या कैलोरी इंटेक को अचानक शून्य कर देना बिल्कुल नहीं है। यदि आप डाइटिंग के तमाम नुस्खे अपनाने के बावजूद अपना वजन कम नहीं कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली, हॉर्मोनल असंतुलन और आपकी कुछ अनजाने में की जाने वाली दैनिक आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं। जब शरीर को लंबे समय तक पर्याप्त पोषण नहीं मिलता, तो वह सर्वाइवल मोड में चला जाता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। आइए विस्तार से जानते हैं वे कौन सी मुख्य वजहें हैं जिनके कारण भूखे रहने के बाद भी वेट लॉस नहीं हो पाता है।
पहला कारण: लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाना और 'स्टार्वेशन मोड' एक्टिव होना
वजन न घटने के सबसे बड़े वैज्ञानिक कारणों में से एक है 'मेटाबॉलिक स्लोडाउन' (Metabolic Slowdown)। जब आप बहुत लंबे समय तक कुछ नहीं खाते या बहुत कम कैलोरी लेते हैं, तो शरीर को लगता है कि अकाल या संकट की स्थिति आ गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए शरीर का दिमाग 'स्टार्वेशन मोड' (Starvation Mode) को एक्टिव कर देता है, जिसमें शरीर ऊर्जा बचाने के लिए अपनी कैलोरी बर्निंग क्षमता यानी मेटाबॉलिज्म को बहुत धीमा कर देता है। परिणामस्वरूप, आप जितना भी थोड़ा-बहुत खाते हैं, शरीर उसे ही फैट के रूप में स्टोर करने लगता है और वजन घटने की बजाय स्थिर हो जाता है। इसके अलावा, जब मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है, तो शरीर को ऊर्जा के लिए मांसपेशियों (Muscles) को तोड़ना पड़ता है, जिससे वजन तो कम होता है लेकिन शरीर से फैट की जगह केवल पानी और मांसपेशियां कम होती हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है।
दूसरा और तीसरा कारण: हॉर्मोनल असंतुलन, नींद की कमी और शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हॉर्मोन) का बढ़ना
केवल खाना कम करना ही काफी नहीं है, बल्कि आपकी नींद और तनाव का स्तर भी वजन घटाने की प्रक्रिया में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। यदि आप रात में पूरी नींद नहीं लेते हैं या मानसिक तनाव में रहते हैं, तो शरीर में 'कोर्टिसोल' (Cortisol) नामक स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ने लगता है। बढ़ा हुआ कोर्टिसोल हॉर्मोन शरीर में विशेष रूप से पेट के आसपास जिद्दी चर्बी (Belly Fat) को इकट्ठा करने का काम करता है। इसके साथ ही, नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हॉर्मोन 'घेरلين' (Ghrelin) का स्तर बढ़ जाता है और तृप्ति का अहसास कराने वाला हॉर्मोन 'लेप्टिन' (Leptin) कम हो जाता है, जिससे आपको बार-बार अनचाहे रूप से भूख लगती है और आपका डाइटिंग का पूरा अनुशासन बिगड़ जाता है। इसलिए वजन घटाने के लिए मानसिक शांति और 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना बेहद अनिवार्य है।
चौथा और पांचवां कारण: शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) और छिपी हुई कैलोरी का सेवन करना
कई बार लोग खाना तो कम कर देते हैं लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी या तरल पदार्थों का सेवन नहीं करते, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। शरीर के अंगों को ठीक से काम करने और फैट मेटाबॉलिज्म (Fat Metabolism) के लिए पानी का पर्याप्त होना बहुत जरूरी है, क्योंकि कई बार शरीर प्यास को भूख समझ लेता है और हम बिना वजह कुछ भी खा लेते हैं। इसके अलावा, अनजाने में ली जाने वाली 'हिडन कैलोरीज' (Hidden Calories) भी वजन न घटने का एक बड़ा कारण हैं; जैसे- शुगर फ्री समझकर पैक्ड जूस पीना, चाय-कॉफी में चीनी का इस्तेमाल करना या हेल्दी समझकर अत्यधिक ड्राई फ्रूट्स खाना। इन सभी आदतों को सुधारकर, प्रोटीन युक्त संतुलित आहार, नियमित वॉक और सही जीवनशैली अपनाकर आप अपने फैट लॉस सफर को फिर से रफ्तार दे सकते हैं।