गाड़ी या बस में बैठते ही होने लगती है उल्टी और चक्कर, सफर पर निकलने से पहले जूते में रख लें यह 1 पत्ता, जादू की तरह कट जाएगा रास्ता
गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही लोग परिवार और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने की प्लानिंग करने लगते हैं। कोई पहाड़ों की ठंडी वादियों की ओर रुख कर रहा है तो कोई धार्मिक यात्रा पर निकल रहा है। लेकिन इस खुशनुमा माहौल के बीच कुछ लोगों के लिए सफर करना किसी बुरे सपने से कम नहीं होता। कई लोगों को गाड़ी, कार या बस में बैठते ही उल्टी आने लगती है, चक्कर आने लगते हैं और भयंकर जी मिचलाने लगता है। मेडिकल भाषा में इस समस्या को मोशन सिकनेस (Motion Sickness) कहा जाता है। इसके चलते व्यक्ति का पूरा सफर तो बर्बाद होता ही है, साथ ही साथ वेकेशन का मजा भी किरकिरा हो जाता है। इस परेशानी से बचने के लिए लोग अक्सर नींबू चूसते हैं या दवाइयां खाते हैं, लेकिन कई बार ये तरीके भी फेल हो जाते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया और पारंपरिक नुस्खों में एक बेहद अनोखा और चमत्कारी देसी हैक काफी वायरल हो रहा है, जिसमें आपको सिर्फ अपने जूते के अंदर एक खास पत्ता रखना होता है।
सफर को नरक बना देती है 'मोशन सिकनेस', जानें कैसे प्रभावित करती है शरीर को
मोशन सिकनेस एक ऐसी स्थिति है जिसमें गाड़ी के हिलने-डुलने के कारण हमारे आंख, कान और दिमाग के सिग्नल्स आपस में तालमेल नहीं बिठा पाते। कुछ लोगों की स्थिति तो इतनी संवेदनशील होती है कि वे जैसे ही बस या गाड़ी के भीतर कदम रखते हैं, उन्हें चक्कर आने शुरू हो जाते हैं। इसके बाद लगातार उल्टी होना, ठंडे पसीने आना और हद से ज्यादा कमजोरी महसूस होना आम बात है। इसकी वजह से यात्रा करने वाला व्यक्ति पूरी तरह पस्त हो जाता है। अमूमन लोग सफर के दौरान अपने पास नींबू, अदरक या कश्मीरी हाजमोला जैसी चीजें रखते हैं, जो कुछ समय के लिए राहत तो देती हैं, लेकिन चक्कर और मतली की समस्या को जड़ से खत्म नहीं कर पाती हैं।
बड़े काम का है 'आक का पत्ता', मोशन सिकनेस के लक्षणों को करता है कंट्रोल
अगर आप भी इस बार किसी लंबे सफर पर निकलने वाले हैं और आपको उल्टी-चक्कर का डर सता रहा है, तो पहले से ही एक बेहद कारगर तैयारी कर लें। इस समस्या से निजात दिलाने में आक का पत्ता आपके बहुत काम आ सकता है। आक के पेड़ को देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदार, अर्क और अकौया के नाम से भी पुकारा जाता है। यह एक ऐसा पौधा है जो आपको अपने घर के आसपास, किसी पार्क में या सड़क के किनारे बेहद आसानी से उगा हुआ मिल जाएगा। इस पौधे के पत्ते काफी मोटे, बड़े और गहरे हरे रंग के होते हैं। पुराने समय से ही कई लोग अपनी लंबी कूटनीतिक या पारिवारिक यात्राओं के दौरान इस पत्ते का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, क्योंकि माना जाता है कि यह मोशन सिकनेस के तीव्र लक्षणों को दबाने में अद्भुत रूप से मददगार साबित होता है।
इस्तेमाल करने का अनोखा तरीका: तलवों के नीचे ऐसे फिट करें यह पत्ता
आक के पत्ते का इस्तेमाल करने का तरीका बेहद आसान और दिलचस्प है। अगर आपको सफर के दौरान भारी बेचैनी या उल्टी होती है, तो घर से निकलने से पहले आक के पेड़ से कुछ ताजे और साफ पत्ते तोड़ लें। इन पत्तों को अच्छी तरह साफ करने के बाद अपने जूते, सैंडल या स्लीपर के अंदर इस तरह रखें कि पत्ते का सीधा हिस्सा आपके पैर के तलवे को छूता रहे। यानी पत्ता आपके तलवे के ठीक नीचे होना चाहिए। इस पत्ते को अपनी जगह पर टिकाए रखने के लिए आप ऊपर से मोजे (Socks) भी पहन सकते हैं ताकि चलते-फिरते समय यह खिसके नहीं। जब तक आप सफर में रहेंगे, यह पत्ता आपके तलवों के संपर्क में रहकर आपके शरीर को भीतर से संतुलित रखने में मदद करेगा।
सदियों पुराना पारंपरिक नुस्खा है बेहद लोकप्रिय, पर रखें इस जरूरी बात का ध्यान
जूते में आक का पत्ता रखकर सफर करने का यह तरीका पूरी तरह से एक पारंपरिक और घरेलू नुस्खा है। चिकित्सा विज्ञान में या आधुनिक कूटनीति में इसके प्रभाव को लेकर कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। लेकिन भारत के ग्रामीण और पारंपरिक समाज में इस देसी हैक को बेहद कारगर माना जाता है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर आप भी हर बार सफर के दौरान मोशन सिकनेस की दवाओं के साइड इफेक्ट्स और नींद आने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो बिना किसी खर्च वाले इस सुरक्षित देसी नुस्खे को एक बार आजमाकर जरूर देख सकते हैं। अगर यह हैक आपके शरीर पर काम कर गया, तो आपका आने वाला हर लंबा सफर बेहद आरामदायक और खुशनुमा बन जाएगा।