​अंडमान सागर में सिंगापुर और थाईलैंड के साथ उतरी भारतीय नौसेना, जानिए क्या है उद्देश्य

सिटमैक्स श्रृंखला के इस अभ्यास का उद्देश्य मैत्रीपूर्ण नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना

नई दिल्ली। क्वाड समूह के अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की नौसेनाओं के साथ मालाबार-20 अभ्यास के बाद अब भारतीय नौसेना सिंगापुर और थाईलैंड के साथ त्रिपक्षीय अभ्यास सिटमैक्स अंडमान सागर में शुरू किया है। इसके लिए स्वदेश निर्मित भारतीय युद्धपोत एएसडब्ल्यू कोरवेट आईएनएस कामोर्ता और मिसाइल कोरवेट आईएनएस करमुक को तैनात किया गया है।
Andaman Sea
अंडमान सागर में भारत, सिंगापुर और थाईलैंड के बीच त्रिपक्षीय समुद्री अभ्यास का यह दूसरा संस्करण है जिसका संचालन रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी कर रही है। भारतीय नौसेना ने सिटमैक्स का पहला संस्करण सितम्बर, 2019 में पोर्ट ब्लेयर से संचालित किया था। सिटमैक्स श्रृंखलाओं का संचालन भारतीय नौसेना, रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (आरएसएन) और रॉयल थाई नेवी (आरटीएन) के बीच पारस्परिक अंतर-संचालन और सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ाने के लिए किया जाता है। रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी का प्रतिनिधित्व फॉर्मेडेबल क्लास फ्रिगेट इन्ट्रेपिड और एंड्योरेंस’ क्लास लैंडिंग शिप टैंक एंडेवर कर रहे हैं। इसी तरह रॉयल थाई नेवी चाओ फ्राया क्लास फ्रिगेट ‘क्रबुरी’ के साथ अभ्यास में हिस्सा ले रही है।
 
नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह अभ्यास कोविड-19 महामारी के मद्देनजर ‘गैर संपर्क, समुद्र में ही’ दोस्ताना तरीके से तीनों नौसेनाओं और समुद्री पड़ोसियों के बीच समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तालमेल, समन्वय और सहयोग पर संचालित किया जा रहा है। समुद्री अभ्यास के दो दिनों में तीनों नौसेनाएं नौसेना युद्धाभ्यास, सतही युद्ध अभ्यास और शस्त्र संचालन सहित विभिन्न अभ्यासों में भाग ले रही हैं जिसका आज आखिरी दिन है।
सिटमैक्स श्रृंखला के इस अभ्यास का उद्देश्य मैत्रीपूर्ण नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन में सुधार के अलावा आपसी विश्वास को मजबूत करना और क्षेत्र में समग्र समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सामान्य समझ और प्रक्रियाओं को विकसित करना है। 

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