पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी कोरोना वायरस महामारी अपना विकराल रूप लेती जा रही है. वहीं इसी बीच हन्ता वायरस ने चीन में सोमवार को एक व्यक्ति की जान ले ली। नोवेल कोरोना वायरस के बाद, इस वायरस के सामने आने के बाद अफरातफरी मच गई है। जो व्यक्ति इसका शिकार हुआ है, वह काम करने के लिए बस से शाडोंग प्रांत लौट रहा था।

आपको बता दें कि उसे हन्ता वायरस पॉजिटिव पाया गया था। बस में सवार 32 अन्य लोगों की भी जांच की गई है। चीन से मामला सामने आने के बाद सवाल उठता है कि क्या भारत को इससे कोई खतरा है? जी हां। भारत में पहले भी इसके कई मामले सामने आ चुके हैं। साल 2008 में तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में हन्ता वायरस फैला था। तब इरुला समुदाय के 28 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए थे।
गौरतलब है कि यह लोग मुख्य रूप से सांप और चूहे पकड़ने वाले थे। 2016 में मुंबई में एक 12 साल के बच्चे की मौत इस बीमारी से हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके फेफड़ों से ब्लीडिंग हो रही थी। यह इस वायरस का एक प्रमुख लक्षण है।यह वारयस इंसान से इंसान में नहीं फैलता मगर अगर कोई व्यक्ति चूहों के मल, पेशाब आदि को छूने के बाद अपनी आंख, नाक और मुंह को छूता है तो उसके हन्ता वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। अच्छी बात ये है कि सूरज की रोशनी के संपर्क में आने के थोड़ी देर बाद यह वारयस नष्ट हो जाता है।
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